ललितपुर। प्रदेश में पंचायत चुनाव चल रहे हैं। चुनाव आचार संहिता लागू है। इस दौरान ट्रांसफर, पोस्टिंग व व विभागीय कार्रवाई चुनाव आयोग की अनुमति से ही की जा सकती है। यह जानकारी आला अधिकारियों से लेकर आम जन तक को है, लेकिन आबकारी आयुक्त को यह जानकारी अपने अधीनस्थ अधिकारी के निलंबन आदेश को वापस लेते समय हुई है। उन्होंने इसी तर्क के आधार पर आबकारी निरीक्षक का निलंबन रद्द कर दिया है।
आबकारी आयुक्त ने जिले के आबकारी निरीक्षक विकास कुमार सिंह को गंभीर शिकायतों के आरोप में निलंबित कर दिया था। यह निलंबन कार्रवाई उन्होंने चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद की थी। शुक्रवार को आबकारी आयुक्त भवनाथ ने आबकारी निरीक्षक विकास कुमार सिंह का निलंबन वापस ले लिया। निलंबन वापसी के जो कारण दिए गए हैं, वह आबकारी आयुक्त की जानकारी पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। आबकारी आयुक्त भवनाथ ने निलंबन वापसी के पत्र में उल्लेख किया है कि चूंकि प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत की चुनाव प्रक्रिया चल रही है, इसलिए ऐसे में बिना चुनाव आयोग की सहमति के निलंबन नहीं किया जा सकता है। इस कारण आबकारी निरीक्षक का निलंबन रद्द किया जाता है और उन्हेें ललितपुर आबकारी निरीक्षक का पदभार भी सौंपा जाता है। निलंबन के लिए चुनाव आयोग की सहमति का इंतजार किया जाएगा।
गंभीर आरोपों में हुए थे निलंबित
आबकारी निरीक्षक विकास कुमार सिंह की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिह्न उनके कार्यकाल की शुरुआत से ही लगते रहे हैं। उनकी कार्यप्रणाली को लेकर ही तत्कालीन जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने विभागीय जांच कराने के लिए पत्र लिखा था। कच्ची शराब के कारोबारियों से अवैध वसूली की क्लिप भी सार्वजनिक हुई थी। ग्राम कल्याणपुरा में सरकारी ठेके से नकली शराब बरामद होने के बाद भी शराब बरामदगी दूसरी जगह से दिखाकर ठेकेदार को बचा लिया गया था।
जांच रहेगी जारी
निलंबन रद होने के बाद भी आबकारी निरीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच जारी रहेगी। इस जांच के बाद ही उनके भविष्य का फैसला होगा। इसके अलावा उनके निलंबन को लेकर राज्य चुनाव आयोग से सहमति प्राप्त करने के बाद कोई कार्रवाई की जाएगी।