साढुमल-ललितपुर। रविवार को ग्राम साढ़ूमल महावीर संस्कृति महाविद्यालय में आचार्य विद्यासागर महाराज की विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आचार्य विद्यासागर को हिंदी और संस्कृत सहित मराठी और कन्नड़ आदि भाषाओं का भी ज्ञान था। उन्होंने हिंदी और संस्कृत में कई पुस्तकें भी लिखीं, जिसमें से मूक माटी महाकाव्य काफी लोकप्रिय हुआ। उनकी सिंह नाम की कविता को कई शैक्षणिक संस्थानों ने अपने पाठ्यक्रम में भी शामिल किया है। वह सर्वधर्म के एक महान संत और समाज सुधारक थे। इस मौके पर भाजपा मंडल उपाध्यक्ष महरौनी शिवा सिंह तोमर, देवेंद्र कुमार जैन झंडा वाले, कल्यान सिंघई, अनिल कुमार जैन, भजन लाल जैन, नीरज जैन, राजू जैन, बल्ले जैन, मंजू जैन, चक्रेश जैन आदि मौजूद रहे। संवाद