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Lalitpur News: ननद की डिग्री पर डॉक्टरी का आरोप , 25 हजार की इनामी लवीना सिंह गिरफ्तार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। ननद और बहनोई के मेडिकल शैक्षिक दस्तावेजों की कूटरचना कर फर्जी चिकित्सक बनकर नौकरी करने के प्रकरण में पुलिस ने 25 हजार रुपये की इनामी वांछित लवीना सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इससे पहले इस प्रकरण के आरोपी अभिनव सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस की जांच में यह सामने आया था कि अभिनव सिंह ने अमेरिका में रहने वाले अपने बहनोई डॉ. राजीव गुप्ता की एमबीबीएस और एमडी डिग्री सहित पहचान संबंधी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर खुद को कार्डियोलॉजिस्ट बताकर तीन वर्षों तक मेडिकल कॉलेज में नौकरी की थी। मामले की जांच आगे बढ़ी तो उसकी पत्नी लवीना सिंह की भूमिका भी उजागर हुई। पुलिस के अनुसार अभिनव सिंह की बहन डॉ. दीपाली गुप्ता अमेरिका के फ्लोरिडा में चिकित्सक हैं। आरोप है कि अभिनव और उसकी पत्नी लवीना ने डॉ. दीपाली और डॉ. राजीव गुप्ता के मेडिकल दस्तावेज धोखाधड़ी से हासिल कर उनमें कूटरचना की। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लवीना सिंह ने मध्य प्रदेश के बीना क्षेत्र में चिकित्सक के रूप में नौकरी की।
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मामले का खुलासा होने के बाद लवीना सिंह भूमिगत हो गई थी। एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने 14 मई को उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बुधवार को कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में लवीना सिंह ने बताया कि उसने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई मिर्जापुर और बीएससी-एमएससी मेरठ से की थी। उसकी शादी अभिनव सिंह से हुई थी, जो मुंबई में कस्टम विभाग में तैनात था। भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज होने के बाद अभिनव सिंह विभिन्न स्थानों पर छिपता रहा। आर्थिक स्थिति खराब होने पर दोनों ने मिलकर डॉ. दीपाली गुप्ता और डॉ. राजीव गुप्ता के मेडिकल दस्तावेजों का दुरुपयोग किया।
आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर पहले फरीदाबाद में डॉक्टर के रूप में कार्य किया। 2019 में सीबीआई ने अभिनव सिंह को मथुरा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने दोबारा कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और 2021 में मध्य प्रदेश के बीना स्थित विवेकानंद केंद्र बीओआरएल अस्पताल में चिकित्सक के पद पर नियुक्ति हासिल कर ली।
इसके बाद अभिनव सिंह ने एनएचएम के माध्यम से आवेदन कर जिला अस्पताल ललितपुर में कार्डियोलॉजिस्ट के पद पर नियुक्ति प्राप्त कर ली थी। बाद में डॉ. दीपाली और डॉ. राजीव गुप्ता को पूरे मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने अभिनव सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पूछताछ में लवीना ने यह भी स्वीकार किया कि फर्जी मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न स्थानों पर नौकरी कर उसने और उसके पति ने बड़ी धनराशि अर्जित की। इस रकम से कई स्थानों पर जमीन, मकान और महंगी गाड़ियां खरीदी गईं।
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कई राज्यों में खंगाले गए अभिलेख
पूरे प्रकरण की जांच जनपद स्तरीय एसआईटी कर रही थी। जांच टीम ने अभिनव सिंह के शैक्षिक दस्तावेजों की पड़ताल के लिए कोलकाता, मथुरा, रुड़की, फर्रुखाबाद और अलीगढ़ समेत कई स्थानों से अभिलेख जुटाए। जांच में लवीना सिंह की संलिप्तता सामने आने पर उसके दस्तावेज भी संकलित किए गए।
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एएसपी बोले : दोनों ने मिलकर किया फर्जीवाड़ा
अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने बताया कि इनामी आरोपी लवीना सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि लवीना सिंह और उसके पति अभिनव सिंह ने डॉ. दीपाली गुप्ता और डॉ. राजीव गुप्ता के शैक्षिक एवं मेडिकल दस्तावेजों का दुरुपयोग कर चिकित्सा पेशे में फर्जी तरीके से कार्य किया। अभिनव सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
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