संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। थाना बालाबेहट क्षेत्र के एक आदिवासी सहरिया व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर उसकी 17 वर्षीय पुत्री के अपहरण के मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि गांव का एक युवक तमंचे के बल पर उसकी नाबालिग बेटी को घर से जबरन उठा ले गया, लेकिन पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज करने के बजाय गुमशुदगी दर्ज कर ली।
ज्ञापन में बताया गया है कि 12 जून की शाम वह मजदूरी करने गया था। घर पर उसकी पत्नी, बड़ी पुत्री और छोटी बेटी मौजूद थीं। आरोप है कि इसी दौरान गांव का एक युवक घर में घुस आया और उसकी बड़ी पुत्री की कनपटी पर तमंचा लगाकर उसे जबरन बाहर ले जाने लगा। पत्नी और छोटी पुत्री ने विरोध किया तो आरोपी ने गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद वह युवती को बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गया।
पीड़ित के अनुसार शाम को घर लौटने पर उसे घटना की जानकारी मिली। इसके बाद वह थाने पहुंचा और पुत्री की जान को खतरा बताते हुए शिकायत दी। आरोप है कि पुलिस ने तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं की और फोटो लाने को कहा। अगले दिन फोटो और प्रार्थनापत्र देने के बावजूद अपहरण का मुकदमा दर्ज करने के बजाय गुमशुदगी दर्ज कर ली गई।
पीड़ित ने ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया है कि जब उसने मामले में जानकारी लेने का प्रयास किया तो उसे धमकाया गया। उसने पुत्री की सकुशल बरामदगी, आरोपी की गिरफ्तारी और मामले में उचित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।