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Lalitpur News: रिश्वत के नोट जलाकर सिंक में बहाने लगा लेखपाल, टीम ने दबोचा

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एंटी करप्शन टीम की भनक लगते ही गैस चूल्हे पर 15,000 रुपये के नोट जलाकर सिंक में बहाए, जले टुकड़े बरामद
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प्रतापगढ़ के लिए जरूरी
फोटो-19, 20, 21,24
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जमीन पर कब्जा बरकरार रखने के एवज में 20,000 रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में एंटी करप्शन टीम ने बृहस्पतिवार को लेखपाल विपुल तिवारी को उसके हेरिटेज कॉलोनी स्थित किराये के मकान से गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता से प्रथम किस्त के 15,000 रुपये लेने के बाद लेखपाल को टीम की भनक लग गई। उसने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर गैस चूल्हे पर रिश्वत के नोट जला दिए और उनके अवशेष सिंक में पानी के साथ बहाने का प्रयास किया।
टीम ने दरवाजा धक्का देकर खुलवाया और सिंक से जले नोटों के बारीक टुकड़े बरामद किए। आरोपी के हाथ धुलवाने पर पानी गुलाबी हो गया। आरोपी लेखपाल विपुल तिवारी मूलरूप से प्रतापगढ़ जिले के आमापुर गांव का रहने वाला है और ललितपुर में ग्राम टौरिया क्षेत्र में तैनात था। कोतवाली अंतर्गत पोस्ट थनवारा के ग्राम टौरिया निवासी मनोज कुमार ने एंटी करप्शन टीम में शिकायत की थी कि जमीन संबंधी कार्रवाई में उसका कब्जा बरकरार रखने के नाम पर लेखपाल उससे रिश्वत मांग रहा है।
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शिकायतकर्ता के अनुसार उपजिलाधिकारी न्यायिक के 31 जुलाई 2021 के आदेश के क्रम में 30 मई 2023 को तत्कालीन लेखपाल ने उसके नाम दर्ज गाटा संख्या 767, रकबा 0.405 हेक्टेयर की पैमाइश कर हदबंदी की पुष्टि की थी। इसके बाद उसे जमीन पर कब्जा दिलाकर फील्ड बुक के अनुसार पत्थर लगवा दिए गए थे।
इसके बाद क्षेत्रीय लेखपाल विपुल तिवारी ने मनोज को बताया कि उक्त गाटा के खातेदार मान सिंह और शिवराज ने राजस्व की धारा 30(2) के तहत कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया है और इसमें रंग भरने की कार्रवाई होनी है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी जमीन की पहले ही पत्थरगड्डी हो चुकी है और वह उस पर काबिज है। आरोप है कि लेखपाल ने कब्जा बरकरार रखने के नाम पर 20,000 रुपये की मांग की।
शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक शादाब खान के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई। बृहस्पतिवार को शिकायतकर्ता को रासायनिक पदार्थ लगे 500-500 रुपये के नोटों के रूप में 15,000 रुपये दिए गए। टीम के सदस्य शिकायतकर्ता के पीछे रहे। लेखपाल उसे दिन में अलग-अलग स्थानों पर ले जाता रहा। वह करीब पांच स्थानों पर शिकायतकर्ता को घुमाता रहा और कोतवाली के सामने एक दुकान पर चाय भी पी। चाय के पैसे भी शिकायतकर्ता से ही दिलवाए।
इसके बाद लेखपाल शिकायतकर्ता के साथ बाइक से हेरिटेज कॉलोनी स्थित अपने किराये के मकान पहुंचा। मकान के बाहर ही उसने शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये ले लिए। इसी दौरान उसे टीम के आसपास होने का अंदेशा हो गया। वह तत्काल कमरे में चला गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। कमरे में उसकी पत्नी भी मौजूद थी।
टीम के सदस्यों ने दरवाजा खोलने को कहा, लेकिन लेखपाल ने दरवाजा नहीं खोला। इस पर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। टीम ने धक्का देकर दरवाजा खुलवाया। अंदर धुआं भरा हुआ था। टीम ने देखा कि गैस चूल्हे के पास स्थित सिंक में नोटों के जले हुए बारीक टुकड़े पड़े थे। इन्हें बरामद कर लिया गया। इसके बाद लेखपाल के हाथ रासायनिक घोल से धुलवाए गए तो पानी गुलाबी हो गया।
टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जुटाई और मौके की वीडियोग्राफी कराई। बरामद जले नोटों के अवशेष, सीसीटीवी फुटेज और वीडियोग्राफी के आधार पर आरोपी लेखपाल के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी है।
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कोट
ग्राम टौरिया में तैनात लेखपाल विपुल तिवारी ने धारा 30(2) की कार्रवाई में जमीन पर शिकायतकर्ता का कब्जा बरकरार रखने के नाम पर 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। प्रथम किस्त के रूप में 15,000 रुपये दिए गए थे। टीम की भनक लगने पर आरोपी ने कमरे में बंद होकर नोट जला दिए। किचन के सिंक से जले नोटों के अवशेष बरामद हुए हैं। - शादाब खान, प्रभारी निरीक्षक, एंटी करप्शन ट्रैप टीम
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