बार थानांतर्गत जरावली गांव निवासी भानूप्रताप ने दहेज कम देने पर लड़के वालों पर बारात वापस ले जाने का आरोप लगाया है। एसपी को सौंपे ज्ञापन में बताया कि मेरी बेटी की शादी बार थाने के ही एक गांव में हुई थी। बीस दिन पहले फलदान का कार्यक्रम हुआ। इसमें मैने कपड़ा, जेवरात आदि में करीब पांच लाख रुपये खर्च किए। 22 मई को बारात आनी थी। सभी लोग बारात की तैयारियों में जुटकर शहर के एक विवाह घर पहुंच गए। रात आठ बजे के करीब बारात भी आ गई। रात करीब ग्यारह बजे द्वाराचार की बेला के समय लड़के पक्ष के लोग 51 हजार से टीका और एक सोने की जंजीर की मांग पर अड़ गए। इस पर हम लोगों ने बताया कि क्षमता के अनुसार फलदान में ही दहेज दे चुके हैं। अब क्षमता के अनुसार ही मांगलिक वेलाएं पूरी कर पाएंगे। इस बार पर लड़के पक्ष के लोग गाली-गलौच कर रिस्ता तोड़ने की बात करने लगे। काफी मिन्नतों के बाद भी वह बारात वापस ले जाने लगे। सूचना पर पहुंची डायल 100 की पुलिस के समझाने पर भी नहीं माने और बारात वापस लेकर चले गए। ज्ञापन में बताया कि लड़के पक्ष के लोग दहेज के लालची है और इस घटना के बाद से मेरे परिवार की इज्जत पूरी तरह मिट्टी में मिल गई है। जब उनके फलदान में दिया रुपया वापस मांगा तो वह कहने लगे कि हमने पूरा रुपया हड़प लिया है और अब नहीं देंगे। ज्ञापन में पुलिस अधीक्षक से दहेज लोभियों पर कार्रवाई की मांग की है।