संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले में राजस्व वादों के निस्तारण की रफ्तार तेज हुई है। अक्तूबर 2025 से मई 2026 के बीच विभिन्न तहसीलों में दर्ज 26,959 राजस्व वादों में से 18,181 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। शेष 8,778 मामलों में सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया जारी है। राजस्व विभाग इसे जिलाधिकारी के निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान का परिणाम मान रहा है।
राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, कब्जा और रास्तों से जुड़े सर्वाधिक वाद दर्ज हुए। लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए सभी तहसीलों में समयबद्ध सुनवाई कराई गई। साथ ही प्रगति की नियमित समीक्षा भी की गई। अभियान के दौरान नए मामले दर्ज होने के बावजूद लंबित वादों की संख्या कम करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि समय पर सुनवाई और निस्तारण से लोगों को राहत मिल रही है। भूमि संबंधी विवादों के शीघ्र समाधान से अनावश्यक मुकदमेबाजी में भी कमी आने की उम्मीद है। शेष लंबित मामलों के निस्तारण के लिए भी कार्रवाई जारी है।
सदर उपजिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के निर्देशन में सभी तहसीलों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से वादों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे लंबित मामलों की संख्या लगातार घट रही है।
पुराने लंबित मामलों पर भी फोकस
विभागीय आंकड़ों के अनुसार एक वर्ष से अधिक और तीन वर्ष से कम अवधि के 1,414 वाद लंबित हैं। वहीं तीन वर्ष से अधिक और पांच वर्ष से कम अवधि के 53 वाद तथा पांच वर्ष से अधिक पुराने 14 वाद अभी निस्तारण की प्रतीक्षा में हैं।
हदबंदी के 2,521 वाद दर्ज
खेतों और भूमि की सीमाओं को लेकर होने वाले विवादों के समाधान के लिए धारा 24 के तहत हदबंदी की कार्रवाई की जाती है। अक्तूबर 2025 से मई 2026 के बीच हदबंदी के 2,521 वाद दर्ज हुए। इनमें से 909 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 1,612 वाद लंबित हैं। इसके अलावा धारा 24 के एक वर्ष से अधिक और तीन वर्ष से कम अवधि के 162 वाद अभी भी लंबित हैं।