फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल में आयुर्वेदिक डॉक्टर नहीं ओपीडी रहती सूनी

विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। जिला अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक के अवकाश पर जाने के कारण आयुर्वेद पद्घति से मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते मरीज सूनी ओपीडी के बाहर बैठे रहते हैं और चिकित्सक के आने का इंतजार करते हैं। इसके बाद बिना उपचार कराए ही मायूस होकर अपने घर लौट जाते हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते मरीजों को एक सप्ताह से आयुर्वेदिक उपचार नहीं मिल पा रहा है। इससे मरीज परेशान हैं।
विज्ञापन

जिला मुख्यालय पर स्थित जिला अस्पताल में शासन द्वारा तीन पद्घति से उपचार करने की सुविधा दी गई है। जहां पर एक रुपये में हर मर्ज का उपचार किया जाता है। अस्पताल में एलोपैैथी, होम्योपैथी व आयुर्वेदिक पद्घति से उपचार मुहैैया कराने के लिए अलग-अलग ओपीडी चलाई जा रही हैं। अस्पताल के मुख्य भवन में एलोपैथी से इलाज दिया जा रहा है। वर्तमान में अधिकांश मरीज होम्योपैथी व आयुर्वेदिक पद्घति से उपचार कराने की ओर मुड़ रहे हैं। इस विधा में किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं है। जिला अस्पताल में होम्योपैथी विधा में नियमित दवाएं मिलने से प्रतिदिन लगभग 80 से अधिक मरीज इलाज कराने को आ रहे हैं। लेकिन चिकित्सक की उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। ऐसी ही स्थिति शुक्रवार को आयुष भवन में देखने को मिली, जहां पर आयुर्वेदिक अस्पताल की ओपीडी खुली रही, लेकिन चिकित्सक मौजूद नहीं थे। इससे अधिकांश लोग ओपीडी को देखकर मायूस होकर वापस लौट गए। कुछ मरीज ओपीडी के बाहर बैठकर चिकित्सक के आने का इंतजार करते रहे। दोपहर बाद अस्पताल बंद होने पर मायूस होकर वह भी वापस लौट गए। वर्तमान में लगभग पांच से भी अधिक दिनों से चिकित्सक नहीं आए हैं। इससे यहां पर मरीजों की संख्या में दिनों दिन कमी होती जा रही है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं। इससे आम लोगों को आयुर्वेदिक पद्घति से उपचार नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन

आयुर्वेदिक चिकित्सालय में तैनात चिकित्सक अवकाश पर गए हैं। अवकाश समाप्त होते ही ओपीडी संचालित की जाएगी।
डॉ. संजय वासवानी , मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें