ललितपुर। सरकारी योजनाओं का लाभ भले ही अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की बात की जा रही हो, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। शहरी क्षेत्र में तमाम लोग प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय का अनुदान नहीं पा सके हैं। इसका ताजा उदाहरण वार्ड नंबर 23 रावतयाना प्रथम है। यहां के लोगों को लाभ के लिए अफसरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
केंद्र व प्रदेश सरकार लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए कई लाभकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय निर्माण प्रमुख हैं। इन योजनाओं में आए दिन गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसा ही एक प्रकरण वार्ड नंबर 23 रावतयाना प्रथम का है। वार्ड में एक सहरिया बस्ती है, जहां पर रहने वाले कई परिवारों को दोनों ही योजनाओं का लाभ अभी तक नहीं मिल सका है। इससे उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सभासद जहीर अली रानू के नेतृत्व में एक दर्जन से ज्यादा महिला और पुरुषों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि नगर का सीमा विस्तार होने पर वार्ड नंबर 23 में टपरियन सहरिया बस्ती जुड़ गई है। इसके बाद भी क्षेत्र में न तो आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं और न ही शौचालय। कई बार अफसरों को शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी है। शिकायती पत्र पर प्रदीप, चुन्नी, विमला, रवि कुशवाहा, रोहित, सोमवती कुशवाहा, ममता कुशवाहा, माया कुशवाहा, कंचन, सियारानी आदि के हस्ताक्षर बने हैं। सभासद का कहना है कि सहरिया बस्ती के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन आवास नहीं बनने से दिक्कत आ रही है।
द्रोपदी के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन किया था। सात-आठ महीने हो गए, लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
- सुरेंद्र रैकवार
कलावती के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन कर रखा है, इसमें फोटो भी खींच ली गई है। लेकिन, अब तक आवास के लिए किस्त प्राप्त नहीं हो सकी।
- मंगल
सुखवती के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन है। आज तक यह पता नहीं चला कि उसका आवेदन निरस्त हो गया या किस्त मिलना है। कार्यालय में जानकारी लेने जाते हैं तो कोई सही जानकारी नहीं देता है।
- हरीराम
सहरिया बस्ती में रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा है। नगर पालिका में आने के बाद भी गांव जैसा हाल है। यहां कोई सरकारी कर्मी और जनप्रतिनिधि नहीं आता है, जिससे कि वह अपनी समस्या बता सकें।
- हरचरन
बस्ती में सभी तरह की समस्या है। चाहे वह आवास हो या शौचालय। बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। फार्म तो भरा लिए जाते हैं, लेकिन किसी प्रकार का अनुदान नहीं मिलता है। अब तो फार्म भरने ही बंद कर दिए हैं।
- ममता
लक्ष्मीबाई के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना का फार्म भरा है। कई बार अनुदान मिलने की जानकारी की, लेकिन कोई नहीं बताता कि कब मकान का काम लगेगा? अब तो घर बैठकर बैंक खाते में पैसा आने का इंतजार कर रहे हैं।
- जयराम
यदि आवेदन किया होगा तो उनका नाम सूची में जरूर होगा। जहां तक लाभ नहीं मिलने की बात है तो कोई त्रुटि रह गई होगी। वैसे भी ग्रीन बेल्ट में प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण पर रोक लगी हुई है। शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है।
- राजीव शुक्ला, परियोजना अधिकारी, डूडा