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आंधी और बारिश ने फेरा किसानों की मेहनत पर पानी, खेतों में बिछी फसल

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बरसात से खेत में बिछी फसल - फोटो : LALITPUR
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डोंगराखुर्द। तहसील पाली के नाराहट क्षेत्र के कई गांवों में शुक्रवार को दिन भर रुक - रुक कर हुई बरसात ने किसानों की खेतों में कटी रखी फसल और पककर तैयार खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
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किसानों की खेत में खड़ी चना और गेहूं की फसल भीग गई। जिससे फसलों में नमीं आने के कारण दाने काले पड़ जाने और दाने खराब हो जाने की आशंका है। जो गेहूं की फसलें खड़ी थीं, तेज हवा और बरसात से खेतों में बिछ गईं। किसानों ने गेहूं और चना की खेती सबसे अधिक क्षेत्र में बोई थी। इस बार फसलें अच्छी थीं। किसानों को उम्मीद थी कि अबकी बार अच्छी पैदावार होगी, लेकिन पहले कोरोना के कारण मजदूर मिलने बंद हो गए और अब बरसात ने फसलों को नुकसान पहुंचा दिया। खेतों में कटी रखी फसल पानी भरने से दाना फूलकर काला पड़ने की संभावना है। नाराहट क्षेत्र के ग्राम डोंगराखुर्द, दिगवार, पटना, पारौल, गुरयाना, देवरी, चांदोरा, गुढ़ाखिरिया, बरेजा, अर्जुन खिरिया, धौलपुरा, गदौरा सहित कई गांवों में पानी बरसने से फसलों को नुकसान हो रहा है।
देश में कोरोना का रोना, किसानों को फसलों का रोना कोरोना वायरस संक्रमण के डर से मजदूर नहीं मिलने के कारण भी किसानों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मजदूर नहीं मिलने के कारण किसान समय पर फसलों की कटाई नहीं करा पा रहे हैं। दूसरी ओर कोरोना वायरस का भी लोगों के दिमाग में डर है। मौसम बदल जाने के कारण कभी गर्मी तो कभी सर्दी हो रही है। बरसात हो जाने से अब खांसी, जुकाम, सिरसर्द और बुखार जैसे रोगों की बढ़ोत्तरी होने की आशंका है।
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तेज आंधी और बरसात से खेतों में कटी रखी फसल खराब हो चुकी है। खड़ी फसलें खेतों में बिछ गईं हैं, जिससे काफी नुकसान हुआ है।
-जगदीश कुशवाहा
इस साल गेहूं और चना की खेती ज्यादा किसान किए हैं, लेकिन अचानक बदले मौसम के मिजाज से फसलों को पानी लगने से दाना फूलकर काला पड़ जाएगा।
- मनु कुशवाहा
इस वर्ष फसलों से अच्छी उपज की उम्मीद थी, लेकिन अचानक बरसात होने के कारण फसलें खराब हो चुकी हैं। इससे लागत निकलना भी मुश्किल है।
-रामस्वरुप
बरसात होने से कटी रखी फसल पर पानी पड़ने से फसल को उलट-पलटकर सुखाना पड़ेगा। अलग से यह मजदूरी बढ़ गई है। सुरक्षित दाना भी नहीं निकलना है।
- कल्लू
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