ललितपुर। महरौनी तहसील में किसी भी व्यक्ति की अब भूख से मौत नहीं होगी। शासन ने ललितपुर जिले की महरौनी तहसील को खाद्य सुरक्षा अधिनियम में शामिल कर लिया है। विभागीय अफसरों ने इसे धरातल पर उतारने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। अगले माह से योजना लागू होने की संभावना है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को तत्कालीन केंद्र सरकार ने लागू कर दिया था। लेकिन, प्रदेश इसमें पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को उठाने के लिए तैयार नहीं था। इस योजनांतर्गत पात्र परिवारों को दो रुपये किलो गेहूं व तीन रुपये किलो चावल दिया जाना है। शासन ने अब इसे चुनिंदा जिलों में लागू करने का निर्णय लिया है, जिसमें ललितपुर जिले की महरौनी तहसील भी शामिल है।
अगले माह से योजना लागू होने की उम्मीद है। इसे ध्यान में रखकर जिला पूर्ति विभाग ने पात्र परिवारों का चिह्नांकन व उनके आधार कार्ड योजना की वेबसाइट से लिंक करने का कार्य आरंभ कर दिया है। इस योजना के लागू होते ही गरीबी की रेखा के ऊपर व नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के कार्ड (एपीएल व बीपीएल कार्ड) समाप्त हो जाएंगेे। केवल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के कार्ड और अंत्योदय कार्ड ही अस्तित्व में रहेंगे, जिन पर रियायती दरों पर गेहूं व चावल हर महीने मिलेगा।
इतने चिह्नित हुए पात्र व्यक्ति
महरौनी तहसील अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा गारंटी योजना में 2,223 पात्र परिवार चिह्नित हुए हैं। इसके अलावा 133 अंत्योदय परिवार हैं। इन सभी को योजना का लाभ मिलेगा।
इतने हो गए आधार कार्ड लिंक
महरौनी के 2,223 में से करीब दो हजार पात्र परिवारों के आधार कार्ड योजना की वेबसाइट से लिंक हो चुके हैं। अवशेष परिवारों के भी आधार कार्ड लिंक करने का काम चल रहा है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा गारंटी योजना को लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में हैं। जैसे ही शासन से आदेश प्राप्त होता होगा, योजना को आरंभ कर दिया जाएगा।
- डीएस राम
जिला पूर्ति अधिकारी ललितपुर।