ललितपुर। थाना बार अंतर्गत ग्राम गदयाना में 16 वर्ष पहले रंगदारी मांगने के मामले में अपर जिला और सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) निर्भय प्रकाश की अदालत ने एक अभियुक्त को पांच वर्ष की सजा और दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। ग्राम गदयाना निवासी कमल सिंह पुत्र राजधर लोधी ने 16 वर्ष पूर्व पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि नौ फरवरी 2013 को वह, उसका भाई रुप सिंह, भांजी कमलेश व ओमवती सहित अपने नए कुआं के खेत पर थे। वहां दो व्यक्ति आए और कट्टा तानकर दोनों भाइयों के सामने भांजियों से कहा कि अपना सारा जेवर उतारकर दे दो, नहीं तो दोनों को गोली मारकर खत्म कर देंगे। इस पर दानों लड़कियां चिल्लाई और भागने लगीं। दोनों ने कट्टा से फायर करने का प्रयास किया, लेकिन फायर नहीं हुआ। तो दोनों भाई उन्हें पकड़ने के लिए झपटे।
बदमाशों ने उनके पांच वर्ष के छोटे बच्चे को पकड़ लिया और बच्चे को धक्का दे दिया। इसके बाद बदमाश ग्राम देवरान के हार की ओर भाग गए। वह चिल्लाते हुए दौड़े तो चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग खेत में मौजूद भी चिल्लाते हुए पीछे भागे। घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछने पर उन्होंने अपने नाम प्रान सिंह और भगवान सिंह बताए। वह मध्यप्रदेश के जिला सागर के थाना बांदरी के ग्राम इमलिया के निवासी हैं। दोनों के पास से तमंचा व कारतूस मिले। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद शनिवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर धारा 387 में प्रान सिंह को पांच वर्ष की सजा सुनाई। एक अन्य आरोपी भगवान सिंह की मृत्यु हो चुकी है। पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता लखन लाल यादव ने की।