ललितपुर। मेडिकल काॅलेज में आए दिन बाधित हो रही बिजली से प्रभावित हो रही स्वास्थ्य सेवाओं की समस्या जल्द ही दूर होगी। परिसर में पड़ी चार दशक पुरानी जर्जर केबल को बदलने की तैयारी चल रही है। विद्युत विभाग द्वारा लोड के आधार पर सर्वे किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर एस्टीमेट बनाया जा रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो स्वीकृति मिलते ही लाइन को बदला जाएगा।
मेडिकल काॅलेज में चार दशक से बिजली की मरम्मत व सुदृढ़ीकरण का कार्य नहीं किया गया है। इससे केबल पूरी तरह से जर्जर हो गई है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं बढ़ने से बिजली का लोड भी बढ़ गया है। एसी की संख्या बढ़ गई हैं। मशीनें अधिक स्थापित हो गई हैं। ऐसे में ओवरलोड की स्थिति बन रही है। यही कारण है कि केबल ओवरलोड से फाल्ट हो रही हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
बीते सप्ताह सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे जांच ठप हो गई थी। वहीं ओपीडी में बिजली गुल होने से उपचार सेवाएं प्रभावित हो जाती हैं। पंखा व कूलर न चलने से मरीजों को गर्मी की किल्लत झेलनी पड़ रही है।
अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखने की कवायद शुरू कर दी है। विद्युत विभाग के अवर अभियंता केके शुक्ला द्वारा सर्वे किया जा रहा है। इसमें लोड की माप की जा रही है। आवश्यकता अनुसार लोड का नक्शा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद लोड की क्षमता के आधार पर केबल डाली जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सर्वे कार्य पूर्ण होने के बाद एस्टीमेट तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने पर केबल बदली जाएगी।
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मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन (जिला अस्पताल) के भवन की केबल लगभग चार दशक पुरानी है। तब से लोड बढ़ गया है। इससे केबल फाल्ट हो रही है। समस्या को दूर करने के लिए सर्वे कर एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। स्वीकृति मिलने पर कार्य किया जाएगा।
- डॉ. मयंक कुमार शुक्ला, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज