ललितपुर। विभिन्न सामानों की लोडिंग-अनलोडिंग में विलंब पर रेलवे ने बीते तीन साल में लगभग एक करोड़ का जुर्माना लगाया है। लोडिंग-अनलोडिंग में देरी पर नियमानुसार विलंब शुल्क लगाने का प्रावधान है।
बीते तीन वर्षों में यहां 139 रैक लोड की गई, जबकि 233 रैक अनलोड हुई। लोडिंग व अनलोडिंग में निर्धारित से अधिक समय लगने पर रैक की बोगियों के अनुसार विलंब शुल्क लगाया जाता है। जनपद के व्यापारी रेलवे के माध्यम से अन्य राज्यों व जनपदों में गेहूं भेजते हैं, इसके लिए मालगोदाम पर रैक लगाकर लोडिंग कराई जाती है। जबकि, जिले में खाद, चावल, सीमेंट की रैक आती है, जिसकी अनलोडिंग की जाती है।
रेलवे स्टेशन पर मालगोदाम में 2022 से अब तक 139 रैक के 5,138 वैगन लोड किए गए। जबकि तीन वर्षों में ही 233 रैक के 8,228 वैगन अनलोड भी हुए। रैक की लोडिंग व अनलोडिंग में विलंब होने पर संबंधित व्यापारियों व संस्थाओं पर रेलवे ने लगभग एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। हालांकि, इस शुल्क के विरुद्ध मंडलीय अधिकारियों के समक्ष विलंब का स्पष्टीकरण देते हुए अपील की जाती है, जिसका नियमानुसार निस्तारण किया जाता है।
यह है जुर्माने का प्रावधान
रेलवे द्वारा रैक की लोडिंग व अनलोडिंग में विलंब होने पर 150 रुपये प्रति वैगन प्रति घंटे के हिसाब से जुर्माना लगाया जाता है। 42 वैगन वाली रैक के लोडिंग-अनलोडिंग का समय नौ घंटे निर्धारित है। जबकि, 42 से कम और 21 से अधिक वैगन वाली रैक के लोडिंग-अनलोडिंग का समय सात घंटे रखा गया है। एक से बीस वैगन वाली रैक की लोडिंग-अनलोडिंग के लिए पांच घंटे फ्री समय रखा गया है। 42 वैगन से अधिक रैक की लोडिंग-अनलोडिंग के लिए 11 घंटे का समय निर्धारित है। निर्धारित समय से अधिक होने पर रेलवे नियमानुसार विलंब शुल्क वसूलता है।
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रैक की लोडिंग व अनलोडिंग के लिए उनकी क्षमता के अनुसार समय निर्धारित किया गया है। निर्धारित समय से अधिक विलंब होने पर प्रति घंटे के हिसाब से अर्थदंड लगाया जाता है।
-मनोज कुमार, पीआरओ।