ललितपुर। अपर आयुक्त के निर्देश पर रविवार को दर्जनों स्कूली वाहन चालक नेत्र परीक्षण को परिवहन विभाग में पहुंचे। इस दौरान एक चालक नेत्र परीक्षण में फेल हो गए, उन्हें चश्मा लगाकर वाहन चलाने की सलाह दी गई। मौके पर गाड़ियों के मूल कागजात और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की भी जांच की गई। चालकों को फर्स्ट एड बाक्स और मोबाइल नंबर व स्कूल प्रबंधक का नाम दर्ज कराने के लिए अनिवार्य रूप से निर्देशित किया।
एआरटीओ द्वारा स्कूली वाहनों के खिलाफ सख्ती बरतते हुए उनका नेत्र परीक्षण किया गया। परिवहन अधिकारियों के सामने स्कूली वाहनों को चालकों द्वारा नेत्र परीक्षण की परीक्षा से गुजरना पड़ा। हालांकि अधिकांश वाहन चालक आसानी से नेत्र परीक्षण में पास रहे, लेकिन इस दौरान एक चालक को नेत्र परीक्षण के दौरान नजर कमजोर होने पर चश्मा लगाकर वाहन चलाने की सलाह दी गई। इस दौरान यहां 14 स्कूली वाहन चालक वाहन लेकर एआरटीओ कार्यालय पहुंचे थे। यहां एआरटीओ ने फिटनेस के नाम पर वाहनों के इंजन, हार्न, आगे और पीछे की लाइट, फाग लाइट, परावर्ती टेप व इंडीकेटर, सीट, फर्स्ट एड बाक्स, सफाई, डेंट-पेंट और नंबर प्लेट आदि की जांच की गई। वाहनों पर अनिवार्य रूप से परावर्ती टेप लगाने और शीशा को दुरुस्त करने के लिए निर्देशित किया गया। गाड़ियों का परीक्षण कराने पहुंचे सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन सोमलता यादव और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन सतेंद्र कुमार ने स्कूल प्रबंधन से अपील की, कि वे फिट वाहनों को ही संचालित करें। किसी तरह का कोई जोखिम न लें, समय-समय पर वाहनों की जांच कराते रहें। स्कूली वाहनों के दर्जनों चालक रविवार को समस्त कागजातों के साथ विभाग पहुंचे। यह भी चेतावनी दी गई जांच नहीं कराने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। इस मौके पर गजाधर बाबू, अविनाश कुमार, कमलेश, एसके मिश्रा आदि मौजूद रहे।
जखौरा से तालबेहट चल रहे डग्गामार वाहन
जखौरा। जखौरा से तालबेहट तक दो मैजिक सवारी वाहनों का संचालन हो रहा है। लेकिन उक्त वाहनों में ओवरलोड लोड सवारियां भरकर संचालन किया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। एक मैजिक वाहन में ही करीब 25 से 30 सवारियां भरकर चलाई जा रही हैं, जो हादसों को आमंत्रण दे रहे हैं। शीघ्र ही ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्ती नहीं बरती जाती है, तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
स्कूली वाहनों के अलावा अन्य प्रकार के वाहनों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। जखौरा क्षेत्र से यदि ऐसे वाहनों का संचालन होना पाया जाता है, तो सख्त कार्रवाई होगी।
- सोमलता यादव, एआरटीओ प्रवर्तन, ललितपुर।