ललितपुर। नगर में चार माह तक जैनसंत वाणी की अविरल धारा बहेगी। चातुर्मास कलश की शोभायात्रा आर्यिका संघ व मुनि श्री सुबल सागर महाराज के सानिध्य में निकाली गई। आस्था से परिपूर्ण श्रद्धालुओं ने आर्यिका संघ की आगवानी की। बड़ा मंदिर में चार्तुमास कलश स्थापित किया गया।
दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से निकली कलश यात्रा में दिव्यघोष के साथ अनुयायी धर्मध्वजा थाम कर धर्मप्रभावना करते हुए आगे- आगे चल रहे थे। कलश यात्रा दिगंबर जैन नया मंदिर, सावरकर चौक होते हुए जैन अटा मंदिर पहुंची। जहां विराजमान मुनि सुबल सागर महाराज के चरणों में श्रद्धालुओं ने श्रीफल अर्पित किए। शोभायात्रा घंटाघर चौक होते हुए जैन बड़ा मंदिर पहुंची जिसमें महिलाएं मंगल कलश लिए हुए चल रही थीं। कलश यात्रा में शामिल संतों की जगह- जगह आरती उतारी गई और पाद प्रक्षालन किया गया। आयोजन स्थल पर मुनि संघ के सानिध्य में चातुर्मास कलश स्थापित किया गया। मंगल आरती के बाद धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री विवोध सागर ने कहा कि संतों ने अपना जीवन सुधार लिया है। वह चाहते हैं कि श्रावक भी उसी तरह से जीवन यापन करते हुए भव के निर्धारण का कार्य करें । मंगलाचरण अतिशा जैन मौना सोना चमरया ने किया। पंचायत समिति के पदाधिकारी अजित जैन व अनिल अंचल ने गणाचार्य विरागसागर महाराज की शिष्या आर्यिका विवोध श्री माता के समक्ष श्रीफल अर्पित कर चातुर्मास हेतु आग्रह किया जिस पर आर्यिका श्री ने आशीर्वाद प्रदान किया।
इस मौके पर महेंद्र कुमार, विजय कुमार चमरया, सुरेश मिठया, काशीराम विलौआ, महेंद्र कठरया, अखिलेश जैन, ज्ञानचंद अलया, शीलचंद अनौरा, प्रदीप सतरवांस, अजय सराफ, कुशल चंद जैन, सुनील जमादार, सुरेश बड़ेरा, अजय जैन, मुन्नी वाई, शशि कामरा, साधना जैन आदि की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन संतोष जैन अमृत ने किया।