ललितपुर। वर्षों से नगरवासियों के लिए बड़ी बाधा बनी देवगढ़ रेलवे क्रासिंग अब एक बार फिर से अहम मुद्दा बनती दिखाई दे रही है। रेलवे क्रासिंग के आसपास ओवर व अंडर ब्रिज की मांग को लेकर बुंदेलखंड विकास सेना ने प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि नगरवासियों की समस्या विभागीय अधिकारियों को नजर नहीं आ रही है।
झांसी से ललितपुर, भोपाल होकर मुंबई का रेलवे ट्रैक देश के व्यस्ततम रेलवे ट्रैकों में से एक है। इस ट्रैक पर काफी संख्या में रेलगाड़ियां आवागमन करती हैं। चौबीस घंटों में 155 रेलगाड़ियां इस ट्रैक पर आती जाती रहती हैं। इनमें से कुछ का ललितपुर रेलवे स्टेशन पर ठहराव है, तो वहीं तमाम ट्रेने बिना रुके गुजरती हैं। एक ट्रेन को गुजरने में देवगढ़ रोड स्थित रेलवे क्रासिंग का फाटक सात मिनट बंद रहता है, इस तरह 155 ट्रेनों के लिहाज से फाटक 1,058 मिनट बंद रहता हैं। 24 में से सिर्फ 7 घंटे गेट खुलता है, जिसकी वजह से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मरीजों व आवश्यक कार्य से आने जाने वाले लोगों के पास इंतजार के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं रहता। अमर उजाला में इस समस्या से संबंधित समाचार 6 जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया, इसके बाद सामाजिक संगठन हरकत में आ गए हैं। सोमवार को बुंदेलखंड विकास सेना के कार्यकर्ताओं ने रेलवे क्रासिंग पहुंचकर प्रदर्शन किया। बंद क्रासिंग के गेट पर रेल अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और ओवर व अंडर ब्रिज बनाए जाने की मांग उठाई गई। उन्होंने कहा कि यह क्रासिंग आवागमन में बड़ी बाधा है। लोगों को दिक्कत होती है पर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। कायदे से अब तक अंडर व ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य हो जाना चाहिए था। उन्होंने स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों से मुलाकात की और ब्रिज बनाए जाने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में झांसी जाकर रेलवे अफसरों का घेराव किया जाएगा। इस दौरान राजमल बरया, राजकुमार कुशवाहा, अमर सिंह बुंदेला, प्रदीप पंडित, फूलचंद्र, परवेज पठान, कल्लू कुशवाहा, महेंद्र सिंह, प्रताप सिंह, दीपक साहू, रवि रैकवार, विनोद साहू, संतोष सोनी, टिंकू सोनी, संतोष चंदेल, बृजेश राठौर, गफूर, मुस्तफा खां सहित विभिन्न कार्यकर्ता मौजूद रहे।