ललितपुर। तुवन मंदिर में चल रहे सरस महोत्सव के दूसरे दिन बुंदेली माटी के पराक्रमी योद्धा ‘लाला हरदौल’ की नाट्य प्रस्तुति में देवर- भाभी के रिश्तों की पवित्रता सिद्ध करने को हंसते- हंसते लाला के विषपान का मंचन लोगों के दिल को छू गया। ऐतिहासिक घटना पर आधारित नाटक को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
‘लो आज कथा हरदौल की हम सब रसिक जनन के मन भरहे, यदि ठीक जचे तो हिये धरियो जो न ठीक जचे तो बिसर जइयो’ पंक्ति से शुरू हुई नाट्य प्रस्तुति में दर्शाया गया कि रामराजा सरकार की नगरी ओरछा के राजवंश में जन्मे वीर सिंह की तीन संतानें थीं। छह वर्ष के हरदौल का रानी जू चंपावती अपने ममतामयी आंचल में पालन पोषण करने लगीं। हरदौल भी भाभी को मां मानते हुए उनकी कभी भी अवज्ञा नहीं करते। शिक्षा दीक्षा हासिल करके वापस लौटे लाला का जोरदार स्वागत होता है और महाराज उनको बड़ागांव की जागीर दे देते हैं। इससे महामंत्री पहाड़ सिंह लाला हरदौल से जलने लगता है और उनके खिलाफ तरह- तरह से षड्यंत्र रचता है। वहीं हरदौल लोगों को मुगलों के खिलाफ एकजुट करते हैं। साथ ही जात पात का भेद मिटाकर सांवला डोम को गले लगाकर अपना अंगरक्षक बना लेते हैं। उधर, 17 वीं शताब्दी के मुगल बादशाह शाहजहां छोटे- छोटे राज्यों पर कब्जा कर रहा था। इस दौरान बादशाह के सिपहसालार मेंहदी हसन मुगल सैनिकों के साथ ओरछा आकर जनता से कर वसूलता है, जिसका हरदौल कड़ा विरोध करते हैं। हरदौल मेंहदी हसन को मौत के घाट उतार देते हैं। उधर बाकी खां ओरछा पर हमला बोल देता है। रानी जू चंपावती के आदेश पर लाला बाकी खां के खिलाफ युद्ध लड़ते हैं और उसको भी मौत के घाट उतार देते हैं। पहाड़ सिंह हरदौल व रानी जू के पवित्र संबंधों पर कीचड़ उछालकर राजा जुझार सिंह के कान भरता है। राजा उसकी बातों में आ जाते हैं और लाला हरदौल को खीर विष देने का आदेश रानी जू को दे देते हैं। रानी जू के समझाने के बाद भी राजा अपनी बात पर अटल रहते हैं। मां स्वरूप भाभी की पवित्रता सिद्ध करने को अपना परम कर्तव्य मानते हुए लाला हरदौल हंसते- हंसते विष मिला खीर का प्याला पी जाते हैं। ओरछा की सुरक्षा रामराजा को सौंप लाला वीरगति को प्राप्त हो जाते हैं। इसी के साथ नाटक का समापन हो जाता है।
इससे पूर्व जिलाधिकारी की पत्नी नीलम वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी की पत्नी सुधा सिंह व जिला विकास अधिकारी की पत्नी रत्ना तिवारी, नपा अध्यक्ष की पत्नी ऊषा जायसवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के अंत में हम थिएटर ग्रुप भोपाल के निर्देशक बालेंद्र सिंह ने सभी कलाकारों का परिचय कराया।