ललितपुर। सरकारी खाद्यान्न घोटाले के मामले में नामजद पूर्व ब्लाक प्रमुख बिरधा को डीसीआरबी प्रभारी ने शुक्रवार को तड़के उनके आवास के बाहर से गिरफ्तार कर लिया, वहीं जांच के दौरान प्रकाश में आए दूसरे आरोपी को चौकी सदर इंचार्ज ने बंदी बना लिया है। पकड़े गए आरोपियों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया जहां से जमानत याचिका खारिज होने के बाद दोनों को जिला कारागार भेज दिया गया। इस मामले में दो आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं।
गत चौदह जून को प्रशासनिक अफसरों की छापेमारी के दौरान नेहरू महाविद्यालय स्थित गोदाम में सरकारी चावल की रीपैकिंग का भंडाफोड़ होने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी अशोक कुमार की ओर सेे दर्ज कराई गई एफआईआर के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शुक्रवार को सीओ सिटी एसके शुक्ल के निर्देशन में छापेमारी की गई। डीसीआरबी इंचार्ज अरुण प्रकाश सिंह ने सीओ सिटी व पुलिस बल के साथ सुबह साढ़े सात बजे मुख्य आरोपी जयराम सिंह निरंजन पूर्व ब्लाक प्रमुख बिरधा को आजादपुरा स्थित आवास के पास से अरेस्ट कर लिया, वहीं प्रकरण की जांच में प्रकाश में आए दूसरे आरोपी संजीव कुमार जैन निवासी कटरा बाजार को चौकी सदर इंचार्ज सुभाष यादव ने अपने हमराहों के साथ दबिश देकर सुबह दस बजे घर के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया दूसरा आरोपी नझाई बाजार में श्रीप्रकाश ब्रदर्स के नाम से फर्म संचालित करता है, उसने अरविंद कुमार जैन नामक व्यक्ति से नेहरू महाविद्यालय के सामने स्थित गोदाम को किराए पर लिया था। इसके अलावा छापेमारी के दौरान जिस डीसीएम नंबर एमपी 15जी 2258 में व्यापक पैमाने पर सरकारी चावल लोड पाया गया था, संजीव उसका मालिक है। इसके अलावा जो टाटा सफारी नंबर यूपी 94एफ 6398 पुलिस ने बरामद की थी उसके मालिक संजीव के पिता पद्मचंद जैन हैं, जो पुलिस के रिकार्ड में फरार चल रहे हैं। इसके अलावा ट्रक चालक बृजेश यादव निवासी नदनवारा भी फरार है।
यह है मामला
ब्रांडेड बोरियों में भरा जा रहा था सरकारी चावल
ललितपुर। चौदह जून को अपर जिलाधिकारी महेश प्रसाद को सुबह सात बजे सूचना मिली थी कि गरीबों में बांटा जाने वाले चावलों का ट्रक सरकारी केबजाय नेहरू महाविद्यालय स्थित प्राइवेट गोदाम में उतारा जा रहा है। एडीएम एआर कोआपरेटिव आरसी दुबे के साथ मौके पर पहुंचे, जहां एमपी 22 एच 0579 नंबर के ट्रक से सरकारी चावल की बोरियां उतारकर गोदाम में रखीं जा रही थीं, जबकि एक डीसीएम एमपी 15 जी 2258 में चावल की बोरियां भरी हुईं थीं। अफसरों को देख मजदूर व वाहन चालक फरार हो गए थे। गोदाम के अंदर चावल से भरी व खाली ब्रांडेड कंपनियों की सैकड़ों बोरियां व सिलने वाली मशीन भी बरामद हुई थी। सरकारी चावल की बोरियों के अलावा दाल व आटा भी काफी मात्रा में मौजूद मिला। इस दौरान उप जिलाधिकारी सदर जीएल शुक्ल, नायब तहसीलदार सदर, जिला पूर्ति अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक, क्षेत्राधिकारी सदर, कोतवाली प्रभारी भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए थे। जिला पूर्ति अधिकारी अशोक कुमार ने इस प्रकरण में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 व आईपीसी की सुसंगत धाराओं के तहत कपूर चंद्र जैन, कुंदनलाल जैन, धर्मेंद्र जैन, अरविंद कुमार जैन, तिलक सिंह निरंजन, जयराम सिंह निरंजन के खिलाफ कोतवाली में दर्ज कराई थी, जिसकी जांच क्षेत्राधिकारी सदर कर रहे हैं।
सरकारी गेहूं की बरामदगी में
भी नामजद हैं जयराम सिंह
ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय के सामने स्थित गोदाम से सरकारी चावल की बरामदगी के दूसरे दिन प्रशासनिक अफसरों ने ललितपुर सागर बाईपास स्थित पूर्व ब्लाक प्रमुख जयराम सिंह निरंजन के गोदाम पर छापेमारी करके गेहूं से भरी हजारों सरकारी बोरियां बरामद की थी। इसके अलावा बड़े पैमाने पर वारदाना भी बरामद किया गया था। इस मामले में पूर्व ब्लाक प्रमुख के साथ जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी चोखे लाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। विपणन अधिकारी चोखेलाल पुलिस रिकार्ड में फरार चल रहे हैं। आफिस से जुटाई गई जानकारी के मुताबिक वे सत्रह जून से कार्यालय से अनुपस्थित हैं और उनका मोबाइल फोन भी बंद चल रहा है।