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आईजीआरएस के निस्तारण में लापरवाही बरती तो होगी कार्रवाई

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आईजीआरएस के निस्तारण में लापरवाही बरती तो होगी कार्रवाई
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जन सुनवाई पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा की गई
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
कलक्ट्रेट सभागार में जन सुनवाई पोर्टल एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली आईजीआरएस पर लंबित शिकायतों की समीक्षा में गुणवत्तापरक निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के लिए कार्रवाई होगी।
बैठक में आईजीआरएस प्रणाली के अंतर्गत संबंधित सभी विभागों के एल-1 (पीएचसी- चिकित्सा, उप खण्ड-विद्युत, बाल विकास परियोजन अधिकारियों, थानाध्यक्षों, खंड शिक्षा) अधिकारियों द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर प्रतिदिन प्राप्त हो रहे सन्दर्भों को न देखे जाने, पीएचसी चिकित्सा, उप खण्ड विद्युत, बाल विकास परियोजना अधिकारियों, थानाध्यक्षों एवं खण्ड शिक्षा अधिकारियों के आईजीआरएस प्रणाली के अन्तर्गत यूजर आईडी व पासवर्ड का न होना, जनपद स्तर से बार-बार निर्देश देने के उपरान्त भी सम्बंधित सभी विभागों के नोडल अधिकारियों द्वारा वर्तमान दिवस से अगले तीन दिवस में होने वाले डिफाल्टर सन्दर्भों का न देखा जाना जैसे बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि दिनांक 16.04.2018 में आयोजित मुख्य सचिव की वीडियो कान्फ्रेसिंग में स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि जनसुनवाई पोर्टल पर मा0 जनप्रतिनिधियों/मा0 सांसद/विधायक के लेटर पैड/हस्ताक्षर से सम्बंधित कोई भी प्रकरण प्राप्त होता है तो उसकी निस्तारण रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने के साथ-साथ उसकी एक प्रति मा0 जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने बताया कि दिनांक 19.04.2018 में आयोजित अपर मुख्य सचिव की वीडियो कान्फ्रेसिंग में स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि मुख्यमंत्री हैल्पलाइन के अन्तर्गत कोई प्रकरण (सिंचाई, जल निगम एवं विद्युत विभाग) को अग्रसारित किया जाता है, साथ ही यदि उन्हें प्रतीत होता है कि उक्त प्रकरण उनके अन्य किसी खण्ड से सम्बंधित है तो ऐसी स्थिति में प्रकरण जिसके लॉगइन में प्रथम प्राप्त हुआ है उस विभाग के सम्बंधित अधिकारी को प्रकरण का निस्तारण कराते हुए आख्या अपलोड करानी होगी। कतिपय उनके द्वारा यह रिपोर्ट बिलकुल अमान्य मानी जायेगी कि प्रकरण उनसे सम्बंधित नहीं है। अधिशाषी अभियंता विद्युत द्वारा अपने पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया कि उनके यहां तीन खण्ड हैं एवं एक अधीक्षण अभियंता का विभाग भी है, जिससे वह नोडल अधिकारी के रूप में नामित करना चाहते हैं। उक्त के सम्बंध में दिनंाक 19.04.2018 में अपर मुख्य सचिव की वीडियो कान्फ्रेसिंग में अवगत कराया गया कि कोई विभाग अगर अपना नोडल अधिकारी नामित करना चाहता है तो वह अपने उच्च स्तर विभाग को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराये। तत्क्रम में सम्बंधित विभाग के नोडल अधिकारी की जनसुनवाई प्रणाली के अन्तर्गत मेपिंग कर दी जायेगी। जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि सभी कार्यालयाध्यक्ष तथा विभागाध्यक्ष शिकायतों का निस्तारण समय से करें तथा इस बात का विशेश ध्यान रखें कि शिकायतोें का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो और निस्तारण करने से पूर्व यदि सम्भव हो तो शिकायतकर्ता को अवश्य सुना जाये। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता होने पर शासन स्तर से सम्बंधित अधिकारी के विरूद्ध सीधे कार्यवाही हो जायेगी, जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगें।
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बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह, जिला विकास अधिकारी देवेन्द्र प्रताप, समस्त तहसीलों के उप जिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी विष्णुकान्त द्विवेदी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीश कुमार, उप निदेशक कृषि संतोष कुमार सविता, जिला सूचना अधिकारी पीयूष चन्द्र राय सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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