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शहर में बने काम्प्लेक्सों में नहीं पार्किं0ग की सुविधा

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छह कांप्लेक्स में पार्किंग की सुविधा नहीं
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ललितपुर।
शहर में निर्मित करीब आधा दर्जन से ज्यादा कामर्शियल कांप्लेक्स पार्किंग के अभाव में दुकानदारों के लिए सिरदर्द बन गए हैं, जिन दुकानों तक ग्राहक पहुंचना चाहते हैं, वहां रखे वाहनों को देखकर वह बिदक जाते हैं। वहीं, पुलिस को भी यातायात व्यवस्था को संभालना मुश्किल हो रहा है।
नगर पालिका परिषद ने छह कामर्शियल कांप्लेक्स का निर्माण कराया है। इसमें सुपर मार्केट को छोड़कर कहीं भी पार्किंग स्थल नहीं है। शहर के बीचोबीच स्थित डा. शादीलाल कामर्शियल कांप्लेक्स में पालिका का कार्यालय संचालित हो रहा है, उसमें भी विभागीय अफसर दुकानदारों को पार्किंग की सुविधा मुहैया नहीं करा सके हैं। वर्षों पहले कांप्लेक्स में पार्किंग देने के उद्देश्य से बेसमेंट तैयार किया गया था, जो अभी तक नहीं खोला जा सका है। ऐसा नहीं है कि अकेेले दुकानदार ही पार्किंग की समस्या से जूझ रहे हैं, बल्कि पालिका कर्मियों को भी जहां-तहां वाहन खड़ा करना पड़ता है। बीते दिवस तो गेंदालाल पेट्रोल पंप के पास स्थित कामर्शियल कांप्लेक्स में पार्किंग की समस्या को लेकर दुकानदारों के बीच झगड़ा हो गया था, जिसमें सदर चौकी पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था। पालिका इस पूरे मामले से छिटक रहा है। विभागीय अफसर इसे पुलिस का मामला बता रहे हैं, जबकि वास्तव में इस कांप्लेक्स के बेसमेंट में पार्किंग की जगह दुकानों का निर्माण कर दिया गया है, जिसमें से दो दुकानों में फलों की बिक्री भी शुरू हो गई है। वहीं, नझाई बाजार स्थित डा. भीमराव अंबेडकर कामर्शियल कांप्लेक्स का भी यही हाल है। यहां पार्किंग स्थल को पार्क में बदल दिया गया है, जिससे वाहन खड़े करने की समस्या पैदा हो गई है। समीप में सब्जी मंडी होने से वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। सुबह और शाम तो इस कांप्लेक्स में वाहन देेखते ही बनते हैं। बेतरतीब तरीके से वाहन रखे जाने से आने-जाने में भारी असुविधा होती है। इसके अतिरिक्त कांप्लेक्स परिसर में पसरे अतिक्रमण को लेकर दुकानदारों में बेहद नाराजगी है।
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प्रसाधन की सुविधा नहीं
शौचालय के अभाव में महिलाओं को परेशान होना पड़ता है। जो पुरुष पेशाबघर बना है उसकी भी एक दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं, स्वामी विवेकानंद पार्क की दीवार से कचरा फेंका जाता है, जिसकी सफाई नहीं की जाती है। कई बार नगर पालिका कर्मियों को इससे अवगत कराया है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इस समय दुकानदारों को दुकानें आवंटित की गई थी उस समय 28 फुट के रास्ते के हिसाब से पैसा जमा कराया गया था, वह रास्ता अतिक्रमण के चलते 15 फुट में तब्दील हो गया है।
शीलचंद्र जैन

दुकानों में बारिश का टपकता है पानी
कांप्लेक्स की छत पर प्लास्टर अभी तक नहीं कराया गया है। जब बारिश होती है तो बारिश का पानी दुकानों में टपकने लगता है। दुकानों के ऊपर जाने के लिए जो सीढ़ी बनाई गई है, उसके ऊपर बारिश के पानी को रोकने लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। इसके अलावा कांप्लेक्स की साफ सफाई पर ध्यान नहीं दिया जाता है। सीढ़ी के पास आवारा पशु खड़े रहते हैं जो गंदगी फैलाते हैं। जिससे आसपास के दुकानदारों को काफी परेशानी होती है।
राजकुमार

76 दुकानदारों के लिए एक हैंडपंप, वह भी खराब
इस कांप्लेक्स में तीन ब्लाक बने हैं, जिनमें कुल 76 दुकानें बनी हैं। इन दुकानदारों को पेयजल के लिए केवल एक हैंडपंप लगा है जो बदबूदार पानी निकाल रहा है। इससे पेयजल की बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। यदि स्वामी विवेकानंद पार्क का गेट दक्षिण की ओर बना दिया जाए तो आसपास फैल रही गंदगी का समाधान निकल सकता है। अतिक्रमण की समस्या किसी से छिपी नहीं है। ग्राहकों को निकलना मुश्किल हो रहा है।
भगवत दयाल वर्मा

गंदगी से ग्राहकी हुई प्रभावित
कांप्लेक्स में सबसे बड़ी समस्या सफाई की है। प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियान चला रखा है लेकिन कांप्लेक्स में इसका असर दिखाई नहीं देता है। गंदगी से उठ रही दुर्गंध के कारण दुकान पर बैठना मुश्किल हो रहा है। ग्राहक आते हैं तो वह भी जल्दी-जल्दी करते हैं। कई ग्राहक तो दुर्गंध आते ही दूसरी दुकान पर सामान लेने के लिए चले जाते हैं।
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संजय कुमार जैन

जल्द मिलेगी पार्किंग की सुविधा
कार्यालय के बेसमेंट में जल्द ही वाहन की पार्किंग की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इससे पहले वाहन की निगरानी का ठेका कराने पर विचार किया जा रहा है, ताकि जो वाहन पार्किंग स्थल पर रखे जाए वह पूरी तरह सुरक्षित रहे। इसके अलावा साफ-सफाई के लिए पहले ही स्वास्थ्य नायकों को निर्देश दिए गए हैं।
अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
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