- स्कूलों में नहीं कराए कनेक्शन, 63 में से महज आठ स्कूलों के ऊपर से हटीं लाइनें
- विद्युत कनेक्शन न होने से छह गोशालाओं में नहीं रखे जा रहे गोवंश
- नमामि गंगे योजना के तहत 13 स्थानों पर नहीं बनाए गए सब स्टेशन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बिजली विभाग की लापरवाही से जनपद की कई योजनाएं पूरी नहीं हो पाई हैं। जबकि विभागों ने बिजली कनेक्शन के लिए 91 करोड़ रुपये भी जमा कर दिया है। शिक्षा विभाग ने 63 विद्यालय के ऊपर से गुजरी केबल को हटाने के लिए व स्कूलों में विद्युत कनेक्शन के लिए पैसा दिया था लेकिन कई स्कूलों में अबतक कनेक्शन नहीं हो सके हैं, साथ ही केबल भी नहीं हटाई गई हैं। वहीं, एस्टीमेट के 12 लाख जमा होने के बाद भी आधा दर्जन गोवंश आश्रय स्थलों में कनेक्शन नहीं हो पाए हैं। साथ नमामि गंगे योजना के तहत सब स्टेशन नहीं बनाए गए हैं। इन कार्यों के लिए एस्टीमेट का करीब 91 करोड़ रुपये विभाग में जमा हो चुका है। पेश है प्रमुख कार्यों की हकीकत पर एक रिपोर्ट...।
90 करोड़ जमा करने के बाद भी नहीं मिल पा रहा 13 यूनिटों को विद्युत कनेक्शन
जिले में हर घर जल नल योजना के तहत 15 पाइप पेयजल योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं के विद्युत संयोजन उपलब्ध कराने के लिए विद्युत विभाग के एस्टीमेट के अनुसार 90 करोड़ रुपये विभाग को एक मुश्त जमा करा दिए गए, लेकिन इसके बाद भी विभाग इन पाइप पेयजल योजनाओं के 13 ट्रीटमेंट प्लांटों तक विद्युत कनेक्शन नहीं पहुंचा पा रहा है। इन ट्रीटमेंट प्लांट में इंटैकबेल बेतवा, धौर्रा, मुडारी, बालाबेहट, डुंगरिया, चंदेरा, भौरट डैम, किसरदा, कुरैया, निवाहो, बछलापुर, धवानी, जिरोन शामिल है। इन जगहों पर पानी नहीं पहुंचने से करीब 30 हजार की आबादी को पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
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55 विद्यालयों के ऊपर से लटक रही हाईटेंशन लाइनें, नौ हजार बच्चों को खतरा
बेसिक शिक्षा विभाग ने विभिन्न ब्लॉक अंतर्गत 77 विद्यालयों को चिह्नित किया था। इसके बाद बिजली विभाग ने 63 विद्यालयों के ऊपर से गुजरी लाइन को हटाने के लिए 54.48 लाख रुपये का एस्टीमेट शासन स्तर पर प्रेषित किया था, जबकि 14 विद्यालयों के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने खनिज न्यास निधि से 3.33 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी थी। बावजूद इसके आठ विद्यालयों के ऊपर से बिजली की लाइन हटाई जा सकी। इस कारण से 55 विद्यालयों के करीब नौ हजार बच्चों की जान जोखिम में रहती है। हाल ही में शासन ने स्कूलों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए धनराशि को स्वीकृति दी है।
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47.15 लाख रुपये जमा करवाने के एक साल बाद भी 43 विद्यालयों में नहीं दिया कनेक्शन
परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 19 पैरामीटर पर काम कराया गया। इन पैरामीटर में बिजली कनेक्शन भी शामिल है। लेकिन 83 विद्यालयों ऐसे चिह्नित किए गए थे, जिनमें बिजली व्यवस्था नहीं थी। इनमें से 40 विद्यालयों में कनेक्शन के लिए झटपट पोर्टल पर आवेदन किया गया था और कनेक्शन हो गए थे। लेकिन 44 विद्यालय ऐसे थे जिनकी दूरी 40 मीटर से अधिक थी। बिजली विभाग ने लाइन बिछाने और अतिरिक्त खंभे लगाने के लिए 47.15 रुपये का एस्टीमेट बनाकर बेसिक शिक्षा विभाग को भेजा था। मार्च 2024 में शिक्षा विभाग ने उक्त एस्टीमेट की धनराशि बिजली विभाग में जमा कर दी थी। लेकिन एक साल से अधिक का समय गुजरने के बाद भी विद्यालयों में कनेक्शन नहीं हो पाया है। जिस कारण से इन विद्यालयों में अंधेरा पसरा रहता है।
गोवंश आश्रय स्थल में कनेक्शन के लिए 12 लाख जमा, नहीं हो सका काम
जिले में छह गोवंश आश्रय स्थल प्रस्तावित थे, एक गोवंश आश्रय स्थल को निर्मित कराने के लिए शासन ने 1.60 करोड़ रुपये निर्गत किया था। इन गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण बानपुर, टोरिया, ठनगना, बिजरौठा, कुचदों, कालापहाड़ है, लेकिन अभी तक विद्युत कनेक्शन न होने के कारण इनका संचालन नहीं हो पाया है। इसके लिए विद्युत विभाग के पास करीब 12 लाख रुपये विभाग ने जमा भी कर दिया है। लेकिन करीब तीन माह बीत जाने के बाद भी संयोजन नहीं मिल पाया है।
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विद्युत विभाग को विद्युत संयोजन के लिए 90 करोड़ रुपये जमा किया था, लेकिन अभी भी 13 प्वाइंटों पर संयोजन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस विषय में समय-समय पर उन्हें निर्देशित किया जाता है, लेकिन हर बार वह कुछ समय और मांग लेते हैं। -राजेश श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे
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अधीक्षण अभियंता से मीटिंग हुई है। उन्होंने बताया आठ विद्यालयों के ऊपर से निकली लाइन शिफ्ट कर दी गई है। विभागीय बजट से होने वाला काम अभी शेष है, पैसा जारी होते ही जमा कराया जाएगा। अभी 44 विद्यालयों में कनेक्शन होना बाकी है।-रणवीर सिंह, बीएसए
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जिन कार्यों के एस्टीमेट का पैसा जमा हो चुका है, उनमें से कुछ काम पूर्ण हो रहे हैं, शेष पर काम चल रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग से शेष बजट जमा होने के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।-राजीव कालरा, अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग
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विद्युत संयोजन न मिलने के कारण नवनिर्मित गोवंश आश्रयस्थल का संचालन नहीं किया जा पा रहा है। यहां पर करीब दो हजार गोवंशों को संरक्षित करने की कार्ययोजना बनाई गई है। विद्युत विभाग के निर्धारित एस्टीमेट के अनुसार तीन माह पूर्व धनराशि को जमा कराया चुका है। -डॉ. भगवान सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी