ललितपुर। जिले में अब तक चिह्नित किए गए कोरोना संक्रमितों में लगभग 90 प्रतिशत में किसी भी प्रकार के लक्षण नहीं पाए गए हैं। केवल, दस फीसदी व्यक्तियों में ही कोरोना संक्रमण के लक्षण नजर आए हैं। ऐसे में कई लोग कोरोना संक्रमित पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं कि उन्हें कोरोना संक्रमण है। ऐसे मरीजों के बारे में केवल परिवार अथवा संपर्क में आने पर सैंपलिंग के दौरान जांच के बाद ही कोरोना संक्रमण का पता लग पा रहा है। इस कारण संक्रमण अधिक फैल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए जा रहे कोरोना सैंपलों की जांच जिला अस्पताल व झांसी में आरटीपीसीआर मशीन से की जा रही है। जिला अस्पताल से एक दिन में 20 सैंपलों की जांच हो रही है। जिले में आ रही कोरोना की जांच रिपोर्ट में पाए जा रहे कोरोना संक्रमित व्यक्तियों में से अधिकांश में किसी भी प्रकार के लक्षण नहीं पाए जा रहे हैं, और न ही किसी प्रकार की परेशानी हो रही है। परेशानी नहीं होने से बिना जांच के संक्रमित मरीज को संक्रमित होने का आभास तक नहीं होता है। ऐसे में यह लोग बेखौफ होकर घूमते रहते हैं और संक्रमण फैलाते रहते हैं।
बिना लक्षण वाले मरीज तब तक पहचान में नहीं आते, जब तक कि किसी व्यक्ति की कोरोना जांच नहीं होती है। स्वास्थ्य विभाग संक्रमित व्यक्ति की ट्रेवल हिस्ट्री खंगालता है। इसमें परिवार के सभी सदस्य व संपर्क में आने वाले व्यक्तियों के सैंपल लेकर होम क्वारंटीन व मेडिकल क्वारंटीन किया जाता है। रिपोर्ट आने के बाद जानकारी मिलती है कि यह लोग भी संक्रमित हैं। लेकिन, लक्षण नहीं होने और समय पर पहचान नहीं होने से वह अन्य लोगों को संक्रमित कर चुका होता है।
रिपोर्ट आने पर ही चिह्ति किया गया
अब तक केे कोरोना संक्रमित मरीजों में जिले के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि कोरोना संक्रमित मरीजों में लगभग 90 प्रतिशत मरीजों में लक्षण नहीं पाए गए हैं। इन्हें सैंपलिंग होने के बाद रिपोर्ट आने पर ही चिह्ति किया गया है। इसके अलावा पांच फीसदी लोगों में बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत आदि लक्षण पाए गए हैं। पांच फीसदी संक्रमित मरीज ऐसे चिह्नित हुए हैं, जिनकी हालत खराब रही, ऑक्सीजन की मात्रा कम पाई गई और चक्कर आने जैसी अन्य समस्याएं रहीं। इससे स्पष्ट है कि जिले में अधिकांश मरीज बिना लक्षण वाले ही पाए जा रहे हैं।
----------
संक्रमित मरीजों से ही फैला संक्रमण
जिले में संक्रमित मरीजों के परिवार व संपर्क वाले ही अधिकांश व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इनमें बीते दिनों सरदापुरा निवासी एक व्यक्ति के संक्रमित होने के बाद लगभग 12 व्यक्ति परिवार के सदस्य और संपर्क वाले हैं। वहीं, मोहल्ला सरायपुरा में एक व्यक्ति के संक्रमित होने के बाद उनके संपर्क में आए करीब दस लोग संक्रमित पाए गए हैं। तालबेहट में एक व्यक्ति के संक्रमित होने के बाद उनके संपर्क और शादी में शामिल रिश्तेदारों की जांच होने पर दस लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। पीतांबरा कॉलोनी में एक व्यक्ति से तीन लोगों में में संक्रमण फैला। ब्लाक महरौनी के ग्राम देवरानकलां में पिता से पुत्री में, ग्राम तेरईफाटक में बहनोई से साले व उसकी पुत्री में संक्रमण फैला।
----------
12 संक्रमित हो चुके स्वास्थ्य
जिले में अब तक एक सैकड़ा से अधिक मरीज संक्रमित हो चुके हैं। लेकिन अधिकांश मरीजों में किसी प्रकार के लक्षण नहीं है। इनमें से अब तक 12 संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होकर मेडीकल कॉलेज से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं।
----------
जिले के कोरोना संक्रमित मरीजों में लगभग 90 प्रतिशत में लक्षण नहीं हैं। केवल पांच फीसदी में लक्षण नजर आ रहे हैं। जबकि, पांच फीसदी में हालत गंभीर होने और ऑक्सीजन की कमी के कारण चक्कर आने से व्यक्तियों में संक्रमण पाया गया है। इसका कारण जिले में लोगों की प्रतिरोधक क्षमता ठीक है। इस कारण कोरोना संक्रमण के लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं।
- डॉ. अमित चतुर्वेदी, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल