जिले में बनेंगे पचास पक्के खलिहान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शासन की राष्ट्रीय सुरक्षा खाद्य मिशन योजना के तहत किसानों को अब खेतों की मिट्टी में अनाज रखने को लेकर होने वाली परेशानी से शीघ्र ही निजात मिल सकेगी। फसल की थ्रेसिंग के लिए अब सरकार पक्के खलिहानों का निर्माण करवाएगी। इसमें सरकार किसानों को सौ फीसदी अनुदान देकर मदद करेगी। इस योजना के लिए दस या उससे अधिक किसानों को समूह बनाकर पंजीकरण कराना होगा, जिसका सत्यापन होने के बाद उस समूह को सार्वजनिक पक्का खलिहान बनाया जाएगा, इसमें उस क्षेत्र के सभी कृषकों को फसल रखने का अधिकार भी होगा। किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए जिले में पचास पक्के खलिहान बनाने का लक्ष्य दिया गया है।
किसानों को खलिहान में खुले खेतों मेें अनाज रखने में अब ज्यादा परेशानी नहीं आएगी, शासन द्वारा किसानों की इस समस्या का समाधान करने के लिए खेतों में किसानों की ही जमीन पर पक्के खलिहान बनाने की योजना शुरु की है, जिसमें सरकार द्वारा ही किसानों को पक्के खलिहान बनाने में पूरी मदद की जाएगी। शासन द्वारा बुंदेलखंड क्षेत्र में किसानों को पक्के खलिहान बनाने की योजना है। जिसमें ललितपुर जिले में पचास पक्के खलिहान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी में संस्था को चयनित किया गया है। जिसके समूहों को वरीयता दी जाएगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए दस या दस से अधिक किसानों को एक समूह बनाकर पंजीकरण कराना होगा, जो कृषि विभाग के पोर्टल पर दर्ज होने के बाद उसका सत्यापन कराया जाएगा, जिसके बाद किसानों के इस समूह को उक्त निर्माण एजेंसी के माध्यम से पक्के खलिहान का निर्माण कराया जाएगा और उक्त खलिहान के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार मिलकर सौ फीसदी अनुदान देगी। यह खलिहान केवल उक्त समूह के उपयोग मात्र के लिए ही नहीं रहेंगे, बल्कि उस क्षेत्र के सभी किसानों को निर्माण होने वाले इन पक्के खलिहानों में अपना अनाज रखने का अधिकार रहेगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पक्के खलिहान बनाने का कार्य शुरु कराया जाएगा।
एक खलिहान बनाने में 1.70 लाख खर्च करेगी सरकार
दस किसानों के एक समूह को सरकार द्वारा सौ फीसदी अनुदान पर एक लाख सत्तर हजार रुपए की मदद से ललितपुर में राष्ट्रीय सुरक्षा खाद्य मिशन योजना से बनेंगे आधा दर्जन पक्के खलिहान का निर्माण कराया जाएगा। इस खिलहान में किसानों द्वारा अपने अनाज की मड़ाई की जाएगी और इस खलिहान का उपयोग उस क्षेत्र के सभी किसान कर सकेंगे। हालांकि इस योजना में किसानों के लिए बनाए जाने वाले इस खलिहान में कोई छायादार व्यवस्था नहीं होने से किसानों को बारिश के दौरान आने वाली खरीफ की फसल रखने में जरुर समस्या आएगी। लेकिन इस योजना में छायादार स्थान बनाने का फिलहाल कोई प्रावधान नहीं है।
किसानों को देना होगा शपथ पत्र
दस किसानों द्वारा समूह बनाकर भले ही पक्के खलिहान का निर्माण कराया जाएगा, लेकिन इसके लिए जमीन का चिह्नीकरण किसानों को करना होगा। इस योजना में किसान जिस जमीन का चिह्नीकरण करेंगे, उस जमीन पर उन किसानों का कोई स्वामित्व नहीं रहेगा, इस आशय का इस शपथ किसान को देना होगा और इस योजपना में निर्मित वह खलिहान सार्वजनिक हऱेगा, जिसका उपयोग कोई भी किसान कर सकेगा।
इनका कहना है-
जनपद में किसानों के लिए पचास सामूहिक पक्के खलिहान बनाने का लक्ष्य मिला है। इस योजना के तहत दस या अधिक किसानों के समूहों को बनाना होगा, जिसका सत्यापन कराने के लिए पक्का खलिहान बनाया जाएगा। इसके तहत उक्त खलिहान बनाने के लिए सरकार से एक लाख सत्तर हजार रुपए की राशि का सौ फीसदी अनुदान दिया जाएगा। इस योजना के लिए किसानों के समूह के पंजीकरण का कार्य शुरु हो गया है। पंजीकरण होने के बाद उस समूह का सत्यापन कराने के लिए निर्माण प्रक्रिया शुरु की जाएगी।
संतोष कुमार सविता, उपनिदेशक कृषि।