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खुले में शौच के दौरान हो रहे बलात्कार पर न्यायालय चिंतित.1

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खुले में शौच के दौरान बलात्कार पर कोर्ट चिंतित
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- स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत मिशन की सफलता पर न्यायालय ने लगाए प्रश्नचिह्न
- न्यायाधीश ने शौचालय के भौतिक आंकलन के लिए जिलाधिकारी को लिखा पत्र
- एडीजे प्रथम ने बलात्कारियों की जमानत याचिका की खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। खुुले में शौच जाने के दौरान बालिकाओं के साथ हो रही बलात्कार की घटनाओं पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम उमेश कुमार सिरोही की अदालत ने चिंता जाहिर की है। बुधवार को न्यायाधीश ने जनपद में प्रधानमंत्री की स्वच्छ भारत स्वस्थ्य भारत मिशन की सफलता पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए जिलाधिकारी को इस संबंध में व्यक्तिगत रुचि लेकर भौतिक रूप से आकलन कर कार्रवाई किए जाने के लिए पत्र लिखा है न्यायालय ने यह टिप्पणी थाना बानपुर व थाना जखौरा के दो गांवों में दो नाबालिगों के साथ हुए बलात्कार के मामले में अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज करते हुए की हैै।
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विगत ढाई माह पहले थाना बानपुर जखौरा अंतर्गत एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि उसकी बेटी 11 मई 2018 को एक शादी समारोह में गई थी, कि उसी रात करीब बारह बजे उसकी पुत्री शादी समारोह स्थल से पेशाब करने बाहर गई थी कि तभी अभियुक्त सुरेश व उसके तीन साथी उसकी बेटी को फुसलाकर अपने साथ ले गए। तलाश करने पर जब उसका पता नहीं चला तो रिपोर्ट लिखाई, जिस पर पुलिस ने पीड़िता को बरामद किया। पीड़िता ने न्यायालय में बयान दिए थे कि वह शादी में आई थी, जहां खाना खाकर वह घर के बाहर बाथरूम के लिए जा रही थी। तभी उसे सुरेश, केहर ने पकड़ लिया और जगभान व आशीष अलग बाइक पर साथ गए। इसके बाद आरोपियों ने उसके साथ बलात्कार कर उसके निजी अंग पर हमला करने का आरोप लगाया था। जिसके आधार पर न्यायालय ने मामले में जगभान की जमानत याचिका को पर्याप्त आधार नहीं पाते हुए उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। इसी प्रकार थाना बानपुर के एक गांव निवासी पीड़िता द्वारा की गई रिपोर्ट में बताया गया कि 10 मई 2018 को रात करीब 09.30 बजे वह अपने घर से शौच के लिए बाड़ा के पीछे गई थी। तभी अभियुक्त थाना बानपुर के ग्राम बरतला निवासी बाटू खां पुत्र कल्लू खां मुंह पर कपड़ा बांधे हुए आया और पीड़िता को हाथ पकड़कर खींचने लगा। पीड़िता के शोर मचाने पर अभियुक्त ने उसके मुंह में कपड़ा लगाकर उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता की आवाज सुनकर उसके परिजनों ने अभियुक्त को बाटू खां को पकड़कर थाने ले जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। थाना जखौरा के आलापुर गांव निवासी जगभाग और थाना बानपुर के बरतला गांव निवासी बाटू खां द्वारा जमानत के लिए अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में प्रस्तुत की गई, जिस पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी। साथ ही न्यायालय ने उक्त दोनों मामलों में सुनवाई करते हुए टिप्पणी की कि है पीड़िताएं शौचालय की तलाश में विवाह समारोह स्थल व घर से बाहर निकली थी। उसी बीच बलात्कार की घटनाएं घटित हुई हैं। यदि पीड़िताओं के घरों में शौचालय की व्यवस्था रही होती तो ऐसी घटना होने से बचा जा सकता था। देश में प्रधानमंत्री की स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय बनवाने योजना चल रही है। फिर भी जिले में खुले में शौच के लिए जाने के दौरान के बलात्कार की घटनाएं होना उक्त योजना की सफलता पर प्रश्नचिह्न लगाती है। न्यायालय ने इस आदेश की एक प्रति जिलाधिकारी को भेजकर इस संबंध में व्यक्तिगत रुचि लेकर भौतिक रुप से आंकलन कर प्रभावी कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा है। जिससे इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
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