जनपद में खुलेआम उड़ाई जा रहीं नियमों की धज्जियां
प्रतिस्थानी के बिना ही रिलीव किए जा रहे अधिकारी
डीआईओएस के पद पर अभी तक कोई तैनात नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। प्रदेश में सभी विभागों में अधिकारियों व कर्मियों के तबादलों का दौर चल रहा है। इसमें शासनादेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए बिना प्रतिस्थानी के आए ही अधिकारियों को जनपद से रिलीव किया जा रहा है। वर्तमान में जनपद में 10 से अधिक विभाग ऐसे हैं, जिनके अधिकारियों के पद रिक्त चल रहे हैं। हाल ही में बिना प्रतिस्थानी के जिला विद्यालय निरीक्षक को भी रिलीव कर दिया गया है।
बुंदेलखंड क्षेत्र पिछड़ा होने के कारण अधिकांश अधिकारी यहां पर आना नहीं चाहते हैं। जबकि पिछड़ा क्षेत्र होने के कारण विकास कार्यों के लिए अधिकारियों की तैनाती बेहद जरूरी भी है। इन्हीं हालातों को देखते हुए तत्कालीन प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने विगत चार जून 2014 में बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए एक विशेष शासनादेश जारी किया था और समस्त जिलाधिकारियों को निर्देशित किया था कि बुंदेलखंड क्षेत्र के किसी भी जनपद से स्थानांतरित होने वाले अधिकारी व कर्मचारी को जब तक रिलीव नहीं किया जाए, जब तक कि प्रतिस्थानी अधिकारी व कर्मचारी जनपद में आकर पदभार ग्रहण नहीं कर लेता है। लेकिन जनपद में इस शासनादेश की लंबे समय से लगातार धज्जियां उड़ाई जा रही है और अधिकारियों को बिना प्रतिस्थानी के रिलीव कर दिया जा रहा है। हाल ही में मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कालीचरण भारती को भी जनपद से रिलीव कर दिया गया है, जबकि अभी तक उनके प्रतिस्थानी रामशंकर ने जनपद सीतापुर से अपनी आमद दर्ज नहीं कराई है। कालीचरण ने विगत मंगलवार को ही अपना पदभार ग्रहण किया था और चार दिन बात शुक्रवार को उनका स्थानांतरण हो गया। इससे पूर्व में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक वीरेंद्र कुमार को भी पहले रिलीव कर दिया गया था। इसी तरह शिक्षा विभाग में ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुुमार को भी रिलीव कर दिया जथा, इसके बाद एक पखवाड़ा बीतने के बाद नए बीएसए ने पदभार ग्रहण किया था। डायट के वरिष्ट प्रवक्ता को भी बिना प्रतिस्थानी के रिलीव कर दिया गया है, वहां अभी कोई भी वरिष्ट प्रवक्ता व प्राचार्य नहीं है। केवल शिक्षा विभाग ही नहीं सहायक संभागीय परिवहन के हालात को और भी बेकार हैं, यहां पर पूरे एक साल से एक ही एआरटीओ हैं, जो प्रशासनिक व प्रवर्तन दोनों की जिम्मेदारी लिए हैं। तत्कालीन एआरटीओ सोमलता यादव को यमहां से रिलीव कर दिया गया था, लेकिन उनके स्थान पर जिस अधिकारी का स्थानांतरण हुआ था उन्होंने अपना स्थानांतरण रुकवा लिया, इसके बाद अभी तक किसी ने भी पदभार ग्रहण नहीं किया है। इसी तरह जिला विकास अधिकारी देवेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, वन विभाग के एसडीओ, मनरेगा उपायुक्त समेत अन्य विभागों के अधिकारियों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। इसी बजह यही है कि जनपद में शासनादेश का उल्लंघन करके अधिकारियों को बिना प्रतिस्थानी के रिलीव कर दिया जा रहा है। इससे अधिकारियों के पद रिक्त है और जो जनपद के विकास में रोड़ा बनने का काम कर रहा है।