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कार्रवाई के नाम पर फिर दौड़ने लगे कागजी घोड़े

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विद्यालय समायोजन के नाम पर फिर दौड़ने लगे कागजी घोड़े
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एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय को समायोजित किए जाने का है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
योगी सरकार ने एक परिसर में संचालित हो रहे प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का समायोजन करने की कार्रवाई के नाम पर एक बार फिर कागजी घोड़ा दौड़ाने शुरू कर दिए हैं। बीत सत्र की शुरुआत में ही शासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से एक ही परिसर में संचालित हो रहे विद्यालयों के संबंध में सूचना मांगी थी। अब नवीन सत्र शुरू होते ही दोबारा सूचना मांगने का सिलसिला शुरू हो गया है।
एक ही परिसर में संचालित हो रहे प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को समायोजित करने का प्रयास काफी लंबे समय से किया जा रहे हैं। बीते सत्र में भी जून माह में योगी सरकार ने समायोजन की कार्रवाई को गति देते हुए सभी जनपदों से एक ही परिसर में संचालित हो रहे परिषदीय विद्यालयों की सूची मांगी थी। इसके बाद ऐसा लग रहा था कि बहुत जल्द ही समायोजन की कार्रवाई पूर्ण हो जाएगी और इस नवीन सत्र से दोनों विद्यालयों का संचालन एक साथ ही किया जाएगा। लेकिन पिछला सत्र बीत गया और नया सत्र भी शुरू हुए दो माह बीत गए हैं, पर कार्रवाई अभी केवल कागजों पर ही चल रही है। इस नवीन सत्र में भी एक बार फिर शासन ने एक ही परिसर में संचालित हो रहे विद्यालयों को समायोजित करने के नाम पर कागजी घोड़े दौड़ाने शुरू कर दिए हैं। हाल ही में बीती 25 मई को अपर शिक्षा निदेशक रुबी सिंह ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर एक ही परिसर में संचालित हो रहे प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की सूचना मांगी है। इसके क्रम में विभाग द्वारा शासन को सूचना भी भेज दी गई है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा भेजी गई सूचना के अनुसार जनपद में लगभग 159 विद्यालय ऐसे हैं, जो एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं। विकासखंड बार में 15 विद्यालय, महरौनी में 30, मड़ावरा में 36, बिरधा में 28, तालबेहट में 20, जखौरा में 23 और नगर क्षेत्र में 06 विद्यालय ऐसे हैं, जो किसी अन्य परिषदीय विद्यालय के परिसर में संचालित हो रहे हैं।
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समायोजन होने से सुधर सकेगें शिक्षा के हालात
यदि एक ही परिसर में संचालित हो रहे प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय दोनों का समायोजन कर दिया जाए, तो इन विद्यालयों में शिक्षा की स्थिति व हालात काफी स्तर तक सुधर सकेंगे। एक ही परिसर में संचालित होने वाले जिन 159 विद्यालयों की सूची शासन को भेजी गई है, उसमें से करीब एक सैकड़ा विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें दोनों ही विद्यालयों में प्रधानाध्यापक नियुक्त हैं। यदि इन विद्यालयों का समायोजन हो जाता है, तो अधिकांश विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की कमी दूर हो जाएगी, इसके साथ ही सहायक अध्यापकों की संख्या में भी इजाफा होगा। शिक्षकों की कमी दूर होने से बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।

दो विद्यालयों को हो सकेगा उच्चीकरण
शासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से सर्व शिक्षा अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 की वार्षिक कार्ययोजना मांगी थी। इसके क्रम में विभाग ने जनपद में 30 नवीन प्राथमिक और 10 उच्च प्राथमिक विद्यालयों की मांग की थी। नवीन विद्यालयों की मांग पूरी होगी की नहीं यह तो अभी कहा नहीं जा सकता है। लेकिन शासन द्वारा प्राथमिक विद्यालयों का उच्चीकरण करके उन्हें उच्च प्राथमिक विद्यालय किया जा रहा है। उच्चीकरण की इस कार्रवाई के क्रम में स्थानीय बीएसए विभाग ने कुल 10 प्राथमिक विद्यालयों की सूची भेजी थी। हाल ही में एक जून को अपर परियोजना निदेशक राजकुमारी वर्मा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर सूचना मांगी है कि इनमें से किन विद्यालयों में उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कक्षाएं बनाने के लिए पर्याप्त जगह है। अब विभाग ने उच्चीकरण के लिए दो विद्यालयों की सूची भेजी है, जहां परिसर में अतिरिक्त कक्षाएं बनाई जा सकती हैं। इन दो विद्यालयों में विकासखंड महरौनी को प्राथमिक विद्यालय छपरियन भैरा और बार क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय चिताई शामिल हैं, जहां पर शासन द्वारा निर्धारित उच्चीकरण के लिए चार अतिरिक्त कक्ष और एक रैंप का निर्माण किया जा सकता है।
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भेज दी गई है सूचना
जनपद में 159 परिसर ऐसे हैं, जहां पर एक साथ दो विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जिसकी सूचना शासन को भेज दी गई है। वहीं प्राथमिक विद्यालयों की उच्चीकरण के लिए दो विद्यालयों के नाम शासन को प्रस्तावित किए गए हैं।
- अशोक कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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