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शिक्षा: नवाचार के तहत बार क्षेत्र में लॉंच हुआ प्रोजेक्ट %आचार्य सरोवर%

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नवाचार के तहत बार क्षेत्र में लांच हुआ प्रोजेक्ट ‘आचार्य सरोवर’
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वैकल्पिक प्रश्नों से होगी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की पढ़ाई
आचार्य सरोवर से शिक्षकों का भी होगा बौद्धिक परीक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बच्चे होंगे तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
विकासखंड बार के खंड शिक्षा अधिकारी ने अपने क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में ‘आचार्य सरोवर’ प्रोजेक्ट को लांच किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत इस नवीन सत्र से बार क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को वैकल्पिक प्रश्नोत्तर पद्धति के आसान तरीके से पढ़ाया जाएगा। प्रश्न बनाने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों को सौंपी गई है।
बदलते समय के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव आया है। शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलाव के साथ निजी व कान्वेंट स्कूलों ने भी अपनी शिक्षा की पद्धति में बदलाव कर लिया है, लेकिन हमारे कई सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई जाने वाली शिक्षा व्यवस्था में अभी तक कोई खास बदलाव नहीं हो पाया है। विगत वर्षों से परिषदीय विद्यालयों में नवाचार पर विशेष जो दिया जा रहा है। नवाचार का मतलब ही है कि बदलते हुए समय के अनुसार बच्चों को पढ़ाने व सिखाने के लिए आसान से आसान व नये तरीके खोजे जाएं। इसी नवाचार के तहत विकासखंड बार क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी बीएन दैपुरिया ने अपने क्षेत्र में इस आचार्य सरोवर प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए खंड शिक्षा अधिकारी बीएन दैपुरिया ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को नवाचार योजना के तहत लागू किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालय की सभी कक्षाओं की समस्त विषय पुस्तिकाओं पर आधारित 100-100 से वैकल्पिक प्रश्न तैयार किए जाएंगे। प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 01 से 05 तक कुल 21 पुस्तिकाएं हैं और उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 06 से 08वीं तक कुल 41 पुस्तिकाएं हैं। इस हिसाब से प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में कुल 2,100 और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 4,100 वैकल्पिक प्रश्न तैयार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक प्रश्नोत्तर से बच्चों को जल्दी व आसानी से समझ आता है। प्रत्येक कक्षा के प्रश्नों में सामान्य ज्ञान व जनपद से लेकर देश-विदेश की भी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी वाले प्रश्नों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे बच्चे अपना पाठ्यक्रम तो आसानी से याद कर ही सकेंगे, साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नवोदय की प्रवेश परीक्षा, आश्रम पद्घति के विद्यालयों की प्रवेश परीक्षा, विद्या ज्ञान प्रवेश परीक्षा आदि परीक्षाओं को पास करने के लिए सहायता मिलेगी। वहीं उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को लागू तो कर दिया है और इस संबंध में क्षेत्र के सभी संकुल प्रभारियों व सह-समन्वयकों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। यह कार्ययोजना 20 मई 2018 तक पूर्ण कर ली जाएगी।
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इस तरह होगा शिक्षकों का बौद्घिक परीक्षण
इन प्रश्नों को तैयार करने के जिम्मेदारी विद्यालयों प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 20 मई तक प्रश्न तैयार हो जाने के बाद क्षेत्र के प्रत्येक न्याय पंचायतों पर प्रश्नपत्रों का मूल्यांकन किया जाएगा, जिन शिक्षकों के प्रश्न बेहतर होंगे, उन्हें न्याय पंचायतों पर चिह्नित किया जाएगा, फिर इसके बाद ब्लॉक स्तर भी इसी तरह से सर्वोच्च प्रश्न पत्र को चुना जाएगा और संबंधित शिक्षकों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कुल 200 परिषदीय विद्यालय हैं, इनमें 130 प्राथमिक और 70 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं।
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