बोर्ड बैठक में एक प्रस्ताव निरस्त तो दो अटके
ललितपुर। पालिका सभागार में नगर पालिका की बोर्ड बैठक में कुछ को छोड़कर लाखों रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इस दौरान कान्हा पशु आश्रय योजना का भुगतान और स्ट्रीट लाइट की मीटरिंग का मामला लटक गया। कई सभासदों ने सफाई कर्मियों की लगाई जा रही वीआईपी ड्यूटी पर सख्त एतराज जताया।
पालिकाध्यक्ष रजनी साहू की अध्यक्षता और उपनगर आयुक्त/अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार उपस्थिति में कार्यालय अधीक्षक रमाकांत तिवारी ने एजेंडा पढ़कर सुनाया। इस दौरान प्रस्ताव संख्या-25 से लेकर 152 तक के सभी प्रस्तावों पर चर्चा हुई। नगर में स्थित शमशान घाटों/कब्रिस्तान पर 20 मीटर हाईमास्क की 150 वॉट एलईडी फ्लड लाईट की आपूर्ति और स्थापना के संबंध में चर्चा के उपरांत उसे सर्व सम्मति से स्वीकृत किया गया। पार्षद जहीर अली रानू ने इमामी कब्रिस्तान को इस प्रस्ताव में सम्मिलित कर वहां पर उक्त लाइट लगवाने की मांग की। प्रस्ताव संख्या-96 एवं 97 पर चर्चा की गई। वार्ड नं.-15 के पार्षद महेंद्र कुमार सिंघई ने अवगत कराया कि उक्त प्रस्ताव वार्ड नं.-18 से संबंधित है। प्रस्ताव सं.-96 एवं 97 वार्ड नं.-18 में सम्मिलित करते हुए उन्हें हरी झंडी दे दी गई। प्रस्ताव सं.-27 कान्हा पशु आश्रय योजना कांजी हाउस निर्माण सुरई शमशान घाट के अधूरे निर्माण कार्य के भुगतान के संबंध में चर्चा के उपरांत इसे जिलाधिकारी से पत्राचार बाद आगामी बोर्ड बैठक में रखे जाने की सहमति बनी। इसी तरह प्रस्ताव सं.-29 स्ट्रीट लाइट की मीटरिंग के संबंध में अधिशाषी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वारा रुपये 10,58,31,409.00 की मांग करने के मामले में पुन: पत्राचार करने पर सहमति बनी। बोर्ड बैठक की समाप्त के दौरान वार्ड नं.-01, 03, 04, 09, 11, 15 के सभासदों ने उप नगर आयुक्त/अधिशासी अधिकारी को अवगत कराया है कि शासन/प्रशासन के उच्चाधिकारियों/मंत्रियों के आगमन पर उनके वार्ड के सफाई कर्मचारियों को वीआईपी मार्गों पर सफाई के लिए तैनात कर दिया जाता है। जिससे उनके वार्डों में सफाई कार्य प्रभावित होने के साथ अव्यवस्था उत्पन्न हो जाती है। जिस पर उप नगर आयुक्त/अधिशासी अधिकारी ने भविष्य में उनके वार्डों से वीआईपी के नाम पर सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाने का भरोसा दिया। इस मौके पर विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, सभासद रामवती, मुकेश रजक, रामबाबू यादव, कृष्ण कुमार पंथ, पूजा ग्वाला, रोहित राठौर, रजनी रजक, उदय प्रताप पटेल, भारत भूषण चौरसिया, अफजुल रहमान, नाजिया रजा, मंजू शर्मा, कुंजलता, जमुना बाई, महेन्द्र कुमार सिंघई, हरीओम कुशवाहा, आलोक जैन मयूर, जगभान कुशवाहा, शिवानी पाठक, गीता यादव, बाकर अली, जहीर अली रानू, आशा श्रीवास्तव, अनुराग चौबे आदि उपस्थित रहे।
इन प्रस्तावों पर लगी बोर्ड की मुहर
प्रस्ताव सं. 25, 26, 28, 32 से 110 तक, 112 से 152 तक के प्रस्तावों पर बोर्ड ने अपनी स्वीकृत प्रदान कर दी है। सबसे बड़ी बात यह रही कि वरिष्ठ पार्षद के विरोध को बैठक में दरकिनार कर दिया गया। हालांकि, वह बैठक से अनुपस्थित रहे लेकिन उन्होंने अपना विरोध 19 फरवरी को ही पत्र के माध्यम से दर्ज करा दिया था।
बोर्ड को गुमराह करने का लगाया आरोप
वरिष्ठ पार्षद मोदी पंकज जैन ने नपाध्यक्ष एवं ईओ को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है। इसमें कहा गया कि प्रस्ताव संख्या 27 किसी ठेकेदार के भुगतान से संबंधित है। इसके निर्माण को तत्कालीन ईओ व डीएम के आदेजश पर बंद कराया गया था। बोर्ड का इससे कोई लेना देना नहीं है। इसके अलावा उन्होंने स्ट्रीट लाइट की मीटरिंग के माध्यम से विद्युत आपूर्ति के प्रस्ताव पर एतराज जताया तो प्रस्ताव 31.एलईडी फ्लड लाइट की कीमत पर सवाल खड़े किए गए हैं। उनका कहना है कि जो कीमत दर्शाई जा रही है, उससे कम कीमत पर भी इसे खरीदा जा सकता है। प्रस्ताव संख्या 151 के संबंध में कहा कि पिछली बोर्ड बैठक में संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों से वार्ता की बात हुई थी लेकिन किसी भी अधिकारी, कर्मचारी से वार्ता नहीं कराई गई। प्रस्ताव सं.152 में कुछ वार्ड जोड़ दिए गए हैं तो कुछ छूट गए हैं, ऐसी स्थिति में इस प्रस्ताव को आगामी बैठक में रखा जाए।