जिला न्यायालय में दायर की चुनाव पर याचिका
ललितपुर।
नगर पालिका परिषद चुनाव 2017 में शहर के वार्ड क्रमांक छह में पार्षद पद पर एक वोट के अंतर से पराजित एक प्रत्याशी ने जिला न्यायालय में चुनाव के खिलाफ याचिका दायर करते हुए मतगणना में हेराफेरी कर वैध मतों को अवैध वोटों में बदलने का आरोप लगाया है। न्यायालय ने उक्त याचिका स्वीकार करते हुए विपक्षियों से एक महीने में जवाब - तलब किया है।
जिला न्यायालय में याचिका दायर करते हुए राजकुमारी ने बताया कि नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन 2017 के तहत नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या छह मुहल्ला रामनगर के निर्वाचन में उसने और विपक्षी रोहित राठौर व अन्य उम्मीदवारों द्वारा अपने नाम निर्देशन पत्र सक्षम प्राधिकारी रिटर्निंग आफीसर के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे। इस पर उनके नाम की विधिवत जांच उपरांत उन्हें वार्ड संख्या छह के सदस्य पद के नाम निर्वाचन के उम्मीदवार के रुप में चयनित किया गया था और प्रतीक चिह्नों का आवंटन किया गया था। इसमें याचिकाकर्ता राजकुमारी को घंटी चुनाव चिह्न एवं विपक्षी रोहित को चुनाव चिह्न साइकिल आवंटित किया गया था। इसके बाद गत 26 नवंबर 2017 को मतदान और एक दिसंबर को मतगणना कार्य हुआ। इसमें रोहित को सबसे अधिक 582 मत और उसे (राजकुमारी) 581 मत प्राप्त हुए, जिससे वह मात्र एक मत के अंतर से पराजित हो गई। उसने याचिका में आरोप लगाते हुए बताया कि निर्वाचित हुए वार्ड पार्षद द्वारा अपने निर्वाचन में घोर अनियमितताएं अपना कर चुनाव परिणाम को परिभाषित किया गया और विधि विरुद्घ प्रक्रिया अपना कर वार्ड संख्या छह रामनगर के सदस्य पद पर तथाकथित तौर पर मतगणना में हेराफेरी करते हुए याचिकाकर्ता के वैैध मतों को अवैध मतों में परिवर्तित कर नियम विरुद्घ तरीके से विजयी प्रत्याशी की घोषणा की गई है। उसने याचिका में चुनाव प्रक्रिया में व्यापक रूप से घूसखोरी, भ्रष्टाचार एवं अनुचित प्रभाव का प्रयोग करने का भी आरोप लगाया है। फर्जी मतदाताओं से मतदान कराने की बात भी कहीं गई। मतगणना में निर्वाचति अधिकारी द्वारा याचिकाकर्ता के पक्ष में अनेक वैध मतपत्रों को अवैध व मनमाने ढंग से खारिज की श्रेणी में रखते हुए चुनाव परिणाम प्रभावित किया गया। विपक्षी द्वारा सजातीय मतदातों को पक्ष में वोट नहीं करने पर समाज से बहिष्कृत करने का दबाव बनाकर अपने पक्ष में मतदान का आरोप भी लगाया। यहां तक कि महिला मतदाताओं को प्रलोभन देकर चुनाव परिणाम प्रभावित किया गया। मतगणना के दौरान याचिकाकर्ता के पक्ष में डाले गए मतों को बिना किसी कारण अवैध मतों के साथ गणना कर दी गई और आपत्ति करने पर भी निर्वाचन अधिकारी और उनकी एजेंसी द्वारा उसकी आपत्ति नहीं सुनी गई और विपक्षी को मात्र एक मत से पराजित घोषित कर दिया गया। पीड़ित उम्मीदवार ने ने जिला न्यायालय से याचिका के माध्यम से उक्त वार्ड संख्या छह रामनगर के निर्वाचन मतपत्रों की पुनर्मतणना कराई जाकर उसके प्रभाव एवं परिणाम स्वरुप विपक्षी के उक्त पद का निर्वाचन अवैध एवं शून्य घोषित कराने की मांग की है। उक्त याचिका को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने विपक्षियों से तीस दिन में जवाब तलब किया है।