ललितपुर। जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर सबसे घातक साबित हुई। यहां 49 दिनों 7347 संक्रमित मिलने के साथ ही संक्रमितों की संख्या ढ़ाई गुनी हो गई। साथ ही मौत का आंकडा़ भी दो गुना से अधिक हो गया। महज 49 दिनों में 70 लोगों की मौत हो गई। इतना ही नहीं अब भी लगातार संक्रमितों की मौत का सिलसिला बना हुआ है। ऐसे में दूसरी लहर के प्रकोप का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
जनपद में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप अधिक खतरनाक साबित हुआ है। कोविड को लेकर की गई अधिकांश तैयारियां ध्वस्त हो गई। यहां तक कि अधिकांश अस्पतालों के चिकित्सक तक संक्रमित होने से ओपीडी जैसी सेवाएं तक प्रभावित हो गईं। जनपद के इकलौती आस जिला अस्पताल में भी आधा दर्जन चिकित्सक संक्रमित हो गए। जिला मुख्यालय के अस्पतालों में तैनात दो चिकित्सकों की जान चली गई।
विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो पहली लहर में जहां 11 माह में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा तीन लाख 99 हजार 806 लोगों की जांच में महज 5308 व्यक्ति ही कोविड संक्रमित मिले थे। तब पॉजिटिव की दर 1.22 प्रतिशत थी और 51 लोगों की ही मौत हुई थी। लेकिन जैसे की कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने दस्तक दी, इसके बाद इसका प्रकोप लगातार बढ़ता गया और 11 माह के सभी रिकार्ड महज 49 दिनों में ही टूट गए। 49 दिन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 93472 लोगों की जांच की, जिसमें 7347 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए। इसके साथ ही पॉजिटिव की दर बढ़कर 2.56 हो गई। वहीं, संक्रमितों में 49 दिन में 70 लोगों की मौत हो गई।
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जिले में अब कोरोना संक्रमण से कुछ राहत मिली है। लगातार संक्रमितों की संख्या में कमी आ रही है। अब सभी लोग कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाएं और सुरक्षित रहें।
- डा. देशराज सिंह
महामारी विशेषज्ञ