अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। करीब एक महीने चले ऑपरेशन 720 आईपीएल फाइनल के साथ औपचारिक तौर पर खत्म हो गया लेकिन, 21 वांछित बड़े सटोरिये अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं। इनमें दतिया निवासी निशांत यादव उर्फ रोलेक्स, धर्मेंद्र साहू, हर्ष साहू, सत्येंद्र यादव, अरुण यादव, अंकित यादव, पार्षद पति पप्पू यादव, पार्षद पति पंकज राय जैसे सटोरिये शामिल हैं। करीब एक महीने तक चली धर पकड़ के बावजूद यह पुलिस को छकाने में कामयाब रहे।
सटोरियों के गैंग के खिलाफ छेड़े इस अभियान में भाजपा नेता आशीष उपाध्याय, शुभम उपाध्याय, विजय वाधवा, नितिन अग्रवाल को सट्टेबाजी के आरोप में गिरफ्तार करते हुए सौ करोड़ रुपये की सट्टेबाजी का भंडाफोड़ हुआ वहीं, सट्टाबाजी में दो युवतियों समेत पुलिसकर्मी रजत सिंह का भी नाम सामने आने पर उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। पुलिस ने भाजपा मंडल उपाध्यक्ष हरेंद्र परिहार, विवेक यादव, नीरज निरंजन, दिलीप सिंह, राहुल राय, पीयूष, संदीप, भारत सिंह यादव, अजय कुशवाहा, बृजेंद्र राजपूत जैसे सट्टेबाजों को भी पकड़ा। अलग-अलग मामलों में करीब 50 करोड़ रुपये फ्रीज कराने के साथ ही नकदी, मोबाइल, लैपटॉप, वर्चुअल क्वाइन और सोने-चांदी के जेवर भी बरामद हुए। एसएसपी के मुताबिक अब तक 71 से अधिक सटोरियों को पकड़ा जा चुका जबकि 21 वांछित हैं। अभियान खत्म होने के बाद भी सभी वांछितों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी।
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वांछित सटोरियों की आगे भी तलाश जारी रहेगी। पुलिस टीम अपना काम करती रहेंगी। इनको भी गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। जो सटोरिये पहले पकड़े जा चुके, उनके खिलाफ गैंगस्टर जैसी कार्रवाई भी आगे अमल में लाई जाएगी।
बीबी जीटीएस मूर्ति