किसानों का नौ करोड़ का भुगतान अटका
ललितपुर। जिले में खोले गए खरीद केंद्रों पर किसानों को गेहूं खरीद में सुविधा की जगह परेशानी से जूझना पड़ रहा है। 72 घंटे में भुगतान का आदेश हवाहवाई साबित हो रहा है। वर्तमान में किसानों का करीब नौ करोड़ रुपये अटका हुआ है। वहीं, केेंद्रों पर भरे पड़े गेहूं से तुलाई में तेजी नहीं आ पा रही है। इस कारण कई किसानों को एक से दो दिन केंद्र पर बिताने पड़ रहे हैं।
जिले में गेहूं की खरीद को सुविधाजनक बनाने के लिए एक सैकड़ा से अधिक क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन पर 72 घंटे में भुगतान का प्राविधान किया गया है। इसके अलावा तुलाई में टोकन की व्यवस्था अपनाई जा रही है। इसके बाद भी क्रय केंद्रों पर तुलाई में मनमानी की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। नवीन गल्ला मंडी में खुले कई केंद्रों पर ऐसा ही हाल बना हुआ है। इसके अलावा किसानों को भुगतान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बीते दिनों प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए मल्टीस्टेट समितियों के केेंद्रों पर खरीद पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी व्यवस्था में सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। तमाम केंद्रों पर किसान भुगतान के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
विशेषकर वे किसान ज्यादा परेशान हैं, जिनके रिश्तेदार या फिर उनके कुटुंब में शादी समारोह है। वहीं, तमाम केंद्रों पर तुलाई की समस्या देखी जा रही है। इसमें गेहूं के उठान में हो रही देरी बाधा बन गई है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने गेहूं के उठान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन फिलहाल इसमें तेजी दिखाई नहीं दे रही है। पीसीएफ के आंकड़ों पर गौर करें तो 16533.150 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इसमें से 5622.250 मीट्रिक टन गेहूं गोदामों में पहुंच सका है। बाकी अभी भी कई क्रय केंद्रों पर गेहूं पड़ा हुआ है। अन्य एजेंसियों के केंद्रों पर खरीद सुस्त बनी हुई है। जिसका खामियाजा किसानों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
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गेहूं उठान का कार्य कराया जा रहा है। जहां तक किसानों के भुगतान की बात है तो धनराशि प्राप्त होते ही भुगतान किया जा रहा है।
- रमेश कुमार गुप्ता
सहायक निबंधक, सहकारिता