देशराज पटैरिया के लोकगीतों में झूम उठे श्रोता
ललितपुर। तुवन ग्राउंड में आयोजित देवगढ़ महोत्सव के तीसरे दिन बुंदेलखंडी लोक गायक देशराज पटैरिया व उनके साथियों ने एक से बढ़कर से एक लोकगीत सुनाकर समां बांध दिया। इस दौरान वो किसान की लली खेत खलिहान को चली पर खूब तालियां बजीं।
सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन करके किया। सह गायक सतीश यादव ने कहा कि मां सरस्वती की वंदना की। इसके उपरांत कृष्ण भगवान का गीत सुनाया। जब देशराज पटैरिया के हाथों में माइक पहुंचा तो उनका स्वागत दर्शकों ने तालियां बजाकर किया। उन्होंने अपने बुंदेलखंड मैंया बड़े-बड़े हो गए री गुइयां गीत सुनाया। हरदौल चरित पर गीत सुनाकर उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया। उठो धना बोल गओ मंगरे पर कौआ, लगत तोरे मयके से आ रहो लिवुआ, जबनो मोरी बहन जानकी आंखन नहीं दिखानी, हरे वांस मंडप छाए गीत सुनाया। उन्होंने सह गायक कमला राजपूत का साथ देते हुए एक युगल गीत भी सुनाया। इसके पश्चात कमला राजपूत ने जीजी सांची बताओ हास्य गीत सुनाया। बजत आवे बाजना, तुम्हरे नैना अलसियाने गीत भी सुनाया। ब्रजेश विश्वकर्मा ने ढोलक पर थाप व मुरारीलाल रैकवार ने मंजीरा व चेतराम सेन ने झीका बजाकर कार्यक्रम में समां बांध दिया। यह कार्यक्रम देर रात्रि तक चलता रहा। कार्यक्रम में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह, सीडीओ प्रवीण कुुमार लक्षकार, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह, एसडीएम सदर महेश प्रसाद दीक्षित सहित विभिन्न तहसीलों के एसडीएम व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संचालन एफएम 103 के उद्घोषक वीरेंद्र सिंह ने किया।