सरकारी हैंडपंप का दूषित पानी पीने से दो बालिकाओं की मौत
ललितपुर। जनपद के बालाबेहट क्षेत्र के मजरा दांवरा गांव में लगे सरकारी हैंडपंप से पानी के साथ कीड़े निकल रहे हैं। दूषित पानी पीने से गांव की दो बालिकाओं की मौत हो गई है। इसके अलावा गांव के कई लोगों को उल्टी व दस्त हो रहे हैं। बीमारों का स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र व जिला अस्पताल में उपचार जारी है।
विकासखंड बिरधा के बालाबेहट क्षेत्र के ग्राम पंचायत पिपरोनिया पंचायत के मजरा दांवरा में लगे सरकारी हैंडपंप में से पानी के साथ कीड़े निकल रहे हैं। यह दूषित पानी पीने से गांव के अनेकों लोगों को उल्टी व दस्त होने लगे हैं। विगत 14 अगस्त की देर रात करीब डेढ़ बजे से स्थानीय कमलेश सहरिया की 11 वर्षीय बालिका की हालत काफी बिगड़ गई। सुबह करीब आठ बजे जब बालिका को बालाबेहट स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, वहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा स्थानीय बसंत सहरिया की पत्नी सुखवती(45 वर्ष) और उसकी पांच वर्षीय पुत्री शांति की हालत बिगड़ने पर दोनों मां-बेटी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान बालिका शांति की मौत हो गई। 13 वर्षीय बबीता पुत्री बसंत सहरिया और लक्ष्मी पत्नी माखन सहरिया भी उलटी दस्त से ग्रस्त हैं, इनका उपचार जारी है। दूषित पानी से हुई दो मौतों की खबर सुनकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग भी सकते में आ गया। जिलाधिकारी के निर्देशन पर सीएमओ डा.प्रताप सिंह के द्वारा आनन-फानन में संक्रामक रोग यूनिट के अधिकारी डा.राजेश भारती के नेतृत्व में जिला स्तरीय चिकित्सकों की टीम मौके पर भेजी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उल्टी दस्त से ग्रस्त लोगों ने घरों पर जाकर निरीक्षण किया। इस संबंध में डा.राजेश भारती ने बताया कि उल्टी दस्त की बीमारी से ग्रस्त लोगों के घरों में रखे पानी के बर्तनों में कीड़े थे। जानकारी करके जब उन्होंने हैंडपंप का निरीक्षण किया तो पता चला कि जिस हैंडपंप का उन्होंने पानी पिया है उससे जिंदा कीड़े निकल रहे हैं। इसी की वजह से यह हुआ है। स्वास्थ्य टीम ने स्थानीय लोगों का परीक्षण किया और जिनको उल्टी व दस्त की बीमारी की शिकायत मिली उनको मौके पर दवा खिलाई गई व वितरित की गई। साथ ही हैंडपंप को बंद करने के लिए जल निगम के अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है। इसके अलावा उक्त जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलाधिकारी को भी सौंप दी है।
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समय-समय पर नहीं की जा रही पानी की जांच
शहर व ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग दूषित पानी नहीं पीए इसके लिए स्वास्थ्य विभाग व जल निगम व जल संस्थान के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वह समय-समय पर कुएं, हैंडपंप व अन्य स्रोतों के पानी की जांच समय-सयम पर कराते रहें। पानी की जांच करने के लिए जिला मुख्यालय पर जल निगम की लैब भी है। आम तौर पर देखा गया है कि उक्त जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर पानी की जांच नहीं कराई जाती है। शहर के नलों में भी काफी दूषित पानी आ रहा है। इससे बीमारियां भी फैल रही है और चर्म रोग के मरीजों की संख्या भी जिला अस्पताल में बढ़ रही है।