- योजना में जिले के जंगलों का बहुत बड़ा भूभाग किया गया है शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्रेटर पन्ना लैंडस्केप योजना के तहत वन विभाग ने भारत सरकार से 6.86 करोड रुपये की मांग की है, इस योजना में जनपद के जंगलों का बड़ा भूूभाग शामिल किया गया है। लेकिन सरकार ने वन्य जीव संरक्षण के लिए कोई धनराशि अभी तक नहीं दी है। अब वन विभाग ने वन्य जीव संरक्षण के लिए धनराशि की मांग रखी है।
ग्रेटर पन्ना लैंडस्केप (जीपीएल) मध्य प्रदेश ने वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र के लिए कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें पन्ना टाइगर रिजर्व इसका केंद्र बिंदु है। यह क्षेत्र केवल बाघों का आवास ही नहीं, बल्कि एक जैव विविधता से समृद्ध भू-दृश्य है। इस क्षेत्र में वन, कृषि, चारागाह, नदियों और मानव बस्तियों को शामिल किया गया है। इसमें वन्य जीव संरक्षण, समुदायों की आजीविका और आर्थिक गतिविधियां को शामिल किया गया है। इसमें जनपद के मड़ावरा रेंज का भू-भाग एवं गौना रेंज का कुछ क्षेत्र शामिल किया गया है। लेकिन अभी तक वन्य जीव सुरक्षा के लिए कोई धनराशि जिले को नहीं भेजी है। वन विभाग ने वन्य जीव संरक्षण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर भारत सरकार व मध्य प्रदेश सरकार से 6.86 करोड़ रुपये मांगे हैं। इसमें आधुनिक तकनीक से निगरानी, शाकाहारी जीवों का प्रबंधन, घास के मैदानों का विस्तार, स्थानीय नागरिकों का संरक्षण व जलसंरक्षण की कार्ययोजना में शामिल किया है।
ग्रेटर पन्ना लैंडस्केप में जिले के जंगली इलाके को शामिल किया गया है, लेकिन एक वर्ष से कोई धनराशि जिलास्तर पर नहीं भेजी गई है। वन विभाग ने इसकी कार्ययोजना तैयार कर भारत सरकार को भेजी है। जिससे 6.86 करोड़ रुपये मांगे गए हैं।
गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी