बद इंतजामी का शिकार आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग का आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस बदइंतजामी का शिकार हो गया है। यहां पीने के लिए पानी तो दूर सफाई के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। चार दिनों से बिजली नहीं आ रही है। छह माह बीतने के बाद भी सड़क नहीं बन पाई है।
स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों जिला पंचायत के भवन में जेल चौराहा के पास चल रहे पोस्टमार्टम हाउस को आधुनिक भवन में शिफ्ट तो कर दिया है, लेकिन सुविधाएं मुहैया नहीं हो सकी है। इसके चलते यहां पर शवों का पोस्टमार्टम कराने के लिए आने वाले लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। गर्मियों का मौसम चल रहा है। ऐसे में पानी की मांग अधिक रहती है। लेकिन, पोस्टमार्टम हाउस में पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई है। यहां पर आने वाले लोगों को पानी पीने के लिए दूर तक जाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं आसपास में हैंडपंप नहीं होने के कारण कई लोग प्यासे ही बैठे रहते हैं। पोस्टमार्टम हाउस में चार दिनों से बिजली नहीं आ रही है और सफाई नहीं हो रही है। ऐसे में मजबूरन जमीन पर फैली गंदगी के बीच शव को मोर्चरी के अंदर रखना पड़ रहा है। विभाग ने यहां पर बोरिंग तो कराई, लेकिन पानी की कमी है। इन दिनों तो हालत यह हैं कि बिजली आने पर कभी मोटर चली भी तो पांच मिनट से पहले ही पानी आना रुक जाता है।
बाल संप्रेक्षण गृह नेहरू नगर से पोस्टमार्टम हाउस से कुछ ही दूरी पहले तक सड़क नहीं है। ऐसे में टैक्सी से आने वाले शव को लाने में गड्ढों में गिरने का भय रहता है। पुलिया के पास सड़क पर बड़े पत्थर हैं, जिससे बड़े वाहनों को निकलने में मुश्किल होती है। इसके बाद भी सड़क नहीं बन पाई है।
भीषण गर्मी में भी खुले मैदान में बैठने को मजबूर
पोस्टमार्टम हाउस का नाम भले ही आधुनिक रख दिया हो, लेकिन सुविधाओं का टोटा बना हुआ है। यहां पर कर्मचारी तैनात नहीं होने के कारण सुबह से शव लेकर आने वाले लोगों को शव रखने के लिए तो अंदर जगह मिल जाती है। लेकिन, कर्मचारियों के अभाव में तालाबंद रहने से भीषण गर्मी में शव के साथ आने वाले लोगों को बाहर बैठकर इंतजार करना पड़ता है।
पोस्टमार्टम हाउस में बिजली व पेयजल की समस्या को शीघ्र दुरुस्त कराया जाएगा। कुछ ही दिनों में एक टिन शेड डलवाया जाएगा और सड़क भी बनवाई जाएगी, जिससे लोगों को असुविधा न हो।
- डॉ. जेएस बख्शी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी