1296 टीमें घर-घर खोजेंगी कुष्ठ रोगी
ललितपुर। जनपद में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कुष्ठ रोगी खोज अभियान का दूसरा चरण 15 फरवरी से चलाया जाएगा, इसमें रोगियों को खोजने के लिए 1296 टीमें घर-घर जाएंगी। मंडल में यह अभियान ललितपुर और झांसी दोनों जगह चलाया जा रहा है।
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. आरके सोनी ने बताया कि खोजे गए रोगियों में विकलांगता की दर एक रोगी प्रति दस लाख जनसंख्या से कम करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि इस अभियान की सफलता के लिए जिला स्तर पर पर सभी ब्लॉक एवं शहरी क्षेत्र के प्रभारी चिकित्साधीक्षकों को प्रशिक्षण दिए जा चुके हैं और ब्लॉक स्तर पर भी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों द्वारा टीम को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि कुष्ठ से होने वाली विकलांगता को अक्टूबर 2019 तक खत्म किया जा सके।
जिला में लगभग 13 लाख 84 हजार की आबादी है, जिसके लिए जिले में लगभग 1296 टीमें काम करेगी और उसके पर्यवेक्षण के लिए लगभग 255 सुपरवाइजर कार्य करेंगे। इसके अलावा यह टीमें घर-घर जाकर कुष्ठ व संदिग्ध रोगियों की खोज करेंगी। हर एक टीम में दो सदस्य होगें, जिसमें एक महिला एवं एक पुरुष को शामिल किया गया है एवं हर पांच टीम पर एक सुपरवाइजर होगा। यह टीम उन क्षेत्रों में काम करेगी, जो हाई रिस्क एरिया चिह्नित होगी। टीम को एक फॉर्मेट दिया जाएगा, जिसके तहत वह कुष्ठ के प्रारंभिक लक्षण के आधार पर जांच एवं परीक्षण करेगी। जांच में कुष्ठ रोग की पुष्टि होने पर उनको जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा उपचार दिया जाएगा, जिससे कुष्ठ रोग से होने वाले विकलांगता जल्द से समाप्त हो सके। उन्होंने बताया कि इस अभियान में शून्य से दो वर्ष के बच्चों को छोड़कर सभी की जांच टीमों द्वारा की जाएगी। एक टीम एक दिन में शहर के 20-25 घरों व गांव के 15-20 घरों का निरीक्षण करेगी। यदि किसी परिवार में कोई सदस्य निरीक्षण के समय अनुपस्थित होता है, तो टीम उस घर पर एक्स का निशान लगाएगी और दूसरे दिन फिर उस घर का निरीक्षण कर बचे हुए व्यक्ति को जांचेंगी। साथ ही टीम टेलीशीत भरने के साथ-साथ मकानों पर एरो का निशान लगाएगी, टीम का नंबर, घर व मकान का नंबर, तारीख का अंकन का कार्य भी किया जाएगा।