तालाब के अधूूरे सौंदर्यीकरण के बीच होगा भगवान का विहार
तालाब पर ड्रोन कैमरा से होगी फोटोग्राफी व पुष्प वर्षा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। एक दशक से ज्यादा समय बीतने के बाद भी आस्था का प्रतीक सुम्मेरा तालाब पुराने स्वरूप में लौट नहीं पाया है। डोल ग्यारस पर एक बार फिर भगवान तालाब में अधूरे सौंदर्यीकरण के बीच विहार करेंगे। हालांकि, नगर पालिका ने फौरी तैयारियां जरूर की हैं।
नगर के मध्य में ऐतिहासिक और आस्था का प्रतीक सुम्मेरा तालाब स्थित है। इस तालाब के लिए एक किवंदती है कि जब राजा सुम्मेर सिंह को चर्म रोग हो गया था तब इसका निर्माण कराया गया। इसके उपरांत तालाब में राजा ने स्नान किया था, जिससे उनका चर्म रोग दूर हो गया था। तब से लोगों की तालाब से आस्था जुड़ गई। यहां अधिकांश त्योहार मनाए जाने लगे। इनमें पुरुषोत्तम मास, कार्तिक मास, करवा चौथ, मौर विसर्जन, कजलियां विसर्जन, मूर्ति विसर्जन व डोल ग्यारस पर भगवान का विहार प्रमुख हैं। बीते वर्षों में तालाब के रखरखाव पर बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा यह हुआ कि तालाब का पानी दूषित हो गया। इसमें महिला, पुरुष नहाने से कतराने लगे। पहली बार तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सतीश सुड़ेले के कार्यकाल में पैसा मिला था। इसके उपरांत तत्कालीन पालिकाध्यक्ष रमेश खटीक ने तालाब से दूषित पानी की निकासी कराई। तत्कालीन पालिकाध्यक्ष सुभाष जायसवाल के कार्यकाल में शासन से पर्यटन विभाग को इसके सौंदर्यीकरण के लिए पैसा मिला। इसमें कार्यदायी संस्था ने खेल कर दिया। पालिका ने किरकिरी से बचने के लिए डोल ग्यारस पर भगवान का अभिषेक गंगा जल से कराने की परंपरा शुरू की जो कई वर्षों तक चली। वर्तमान पालिकाध्यक्ष रजनी साहू ने कुर्सी पर बैठते ही इसके सौंदर्यीकरण का बीड़ा उठाया और इसकी खुदाई कराई। लेकिन तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया। अब तालाब पर व्याप्त कमियों को दूर करने के लिए बुधवार को पालिका कर्मी सक्रिय दिखाई दिए। इस बार तालाब पर ड्रोन कैमरा से फोटोग्राफी एवं पुष्प वर्षा की जाएगी। लेकिन, वर्षो पहले खरीदी गई वोट आज भी स्टोर में धूल फांक रही हैं, उन्हें तालाब में नहीं उतारा जा रहा है। तत्कालीन अध्यक्ष सुभाष जायसवाल के कार्यकाल में इन्हें तालाब में उतरा गया था। ईओ अवनींद्र कुमार का कहना है कि वोट उतारने का निर्णय उन्हें अकेले नहीं लेना है।
मंदिरों के रास्ते नहीं हुए दुरुस्त
मुहल्ला अजीतापुरा में विश्वकर्मा समाज के मंदिर के सामने ही सड़क पर अनगिनत गड्ढे हैं। पुरानी बजरिया में नाली पर बनी पुलिया पर आज तक पत्थर नहीं रखा गया है। बड़ापुरा स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर के सामने सीसी रोड पर गड्ढे बने हैं तो स्पीड ब्रेकर क्षतिग्रस्त है। रामनगर में भी मंदिरों के रास्ते खराब हैं। खिरकापुरा में पंचमुखी मंदिर के नदी पुल के क्षतिग्रस्त होने से निकलना मुश्किल हो गया है। घुसयाना व पिसनारी के मार्ग भी खस्ताहाल हैं।
किया निरीक्षण
पालिकाध्यक्ष रजनी साहू ने कई सभासदों के साथ तालाब पर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने पाया कि तालाब की साफ-सफाई, घाटों की मरम्मत, रंगाई-पुताई का कार्य पूर्ण कर लिया है। नृसिंह मंदिर मैदान में विमानों के ठहराव स्थल का समतलीकरण, गड्ढों की मरम्मत, मुरम एवं डस्ट का पुराव कर दिया गया है। वहीं, श्री रघुनाथ जी बड़ा मंदिर चौबयाना से सम्पूर्ण जुलूस मार्ग पर गड्ढों की मरम्मत कार्य पूर्ण है। उन्होंने बताया है कि जुलूस मार्ग की साफ-सफाई, कचरे का निस्तारण, चूने का छिड़काव आदि किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, नृसिंह मंदिर प्रांगण व तालाब के तट पर स्थापित सभी मंदिरों पर विद्युत व्यवस्था एवं तालाब के चारों ओर बाउंड्रीवाल के करीब पाथवे पर विशेष विद्युत व्यवस्था कराने, गणेश प्रतिमा स्थलों, जैन मन्दिरों के आसपास साफ-सफाई, चकूने का छिड़काव कराने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।