हैंडओवर किए बिना ही चल रहा सोलर प्लांट
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नगर के गल्ला मंडी परिसर में 249 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित होने के डेढ़ वर्ष बाद भी कंपनी ने इसे समिति के हैंडओवर नहीं किया है। इसके बाद भी अनाधिकृत तरीके से प्लांट से बिजली आपूर्ति कार्यालय के लिए जारी है। समिति को अनापत्ति प्रमाण न मिलने से लाखों रुपये का बिल भरना पड़ रहा है।
गल्ला मंडी में जगह में कमी और बिजली की बचत के साथ ही सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए 249 मेगावाट क्षमता का हाइब्रिड सोलर प्लांट लगाया गया है। इसका शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा किया गया था और जनपद स्तर पर पूर्व जिलाधिकारी डॉ. रूपेश कुमार ने इसकी नाम पट्टिका के साथ शुभारंभ किया गया। इसके निर्माण में कुल धनराशि 387.49 लाख रुपये की लागत आई थी। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व यह सोलर प्लांट पूरी तरह से बनकर तैयार भी हो गया। इसके संचालन के लिए यहां एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया। जिसके लिए ऑपरेटर की व्यवस्था की गई है, लेकिन इस प्लांट से हैंडओवर हुए बिना ही कार्यालय में आपूर्ति जारी की जा रही है। इसमें दुविधा यह है कि समिति को अनापत्ति प्रमाण न मिलने से उसे बिजली विभाग का कनेक्शन भी रखना पड़ रहा है। जिससे बेवजह हर महीने लाखों रुपये का बिल भरने पड़ रहा है। वहीं गल्ला मंडी के सभी व्यापारियों को बिजली विभाग से लिए विद्युत कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली आपूर्ति प्रदान की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सोलर लाइट सिर्फ मंडी समिति कार्यालय, स्ट्रीट लाइट और मंडी समिति से जुड़े अन्य संस्थानों के लिए ही बिजली देने का करार किया जाना बताया गया है।
व्यापारी लें अलग से कनेक्शन
- गल्ला मंडी में स्थापित किए गए सोलर प्लांट को हैंडओवर की प्रक्रिया कंपनी द्वारा की जानी है, जो अब तक नहीं किया गया है। सोलर प्लांट से मंडी समिति के कार्यालय और स्ट्रीट लाइट के लिए ही करार किया गया है। व्यापारियों के लिए अपना अलग से बिजली कनेक्शन लेना होगा।
मनोज कुमार अवर अभियंता, इलेक्ट्रिक विभाग।
अधिकारियों को भेजा गया पत्र
गल्ला मंडी में स्थापित सोलर प्लांट के हैंडओवर संबंधी पत्राचार उच्चाधिकारियों को भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक कंपनी द्वारा हैंडओवर नहीं किया गया है।
पुष्पेंद्र कुमार, मंडी सचिव।