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ोमृत नल कनेक्शनों का सत्यापन कराने पर हो रही औपचारिकता

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अमृत नल कनेक्शनों का सत्यापन कराने में औपचारिकता
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जिनकी निगरानी में हुए काम उन्हीं से कराया गया सत्यापन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। अमृत योजना के तहत शहर में किए जा रहे नि:शुल्क घरेलू नल कनेक्शनों में धांधली की शिकायतें मिलने के बाद इनका सत्यापन शुरू कर दिया गया है। सत्यापन में भी औपचारिकता की जा रही है। नलों के कनेक्शन करने वाली टीम को ही सत्यापन के कार्य में शामिल किया गया है।
भारत सरकार की अमृत योजना के तहत शत-प्रतिशत घरों में नलों के कनेक्शन पहुंचाने के लिए जिन घरों में नलों के कनेक्शन नहीं है, वहां पर मुफ्त में नल के कनेक्शन किए जा रहे हैं। शहर में 4,942 नलों के कनेक्शन करने का लक्ष्य लेकर नवंबर 2016 में मैदान में उतरी जल निगम अभी तक मात्र 2,380 ही नल कनेक्शन करा पाई है, जो लक्ष्य का 50 फीसदी भी नहीं है। जबकि कार्य को पूर्ण करने के लिए कार्यदायी संस्था को एक वर्ष का समय दिया गया था। यह कार्ययोजना शुरुआत से ही विवादों के शिकायतों के घेरे में चली आ रही है। शिकायत मिलने पर विगत दिनों डीएम मानवेंद्र सिंह ने एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह को नल कनेक्शनों की जिम्मेदारी सौंपी है। इस पर एडीएम ने जल निगम, जल संस्थान व नगर पालिका के अवर अभियंताओं को कनेक्शनों का सत्यापन कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें दिलचस्प बात यह है कि जिन से नलों के कनेक्शन का सत्यापन कराया जा रहा है, उन्हीं की निगरानी में शहर में नलों के कनेक्शन कराए गए हैं। अवर अभियंता अपने ही द्वारा कराए गए कामों का सत्यापन कर रहे हैं। सप्यापन के नाम पर अधिकारियों द्वारा केवल औपचारिकता की जा रही है।
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यह है अनियमितताएं, जिनकी की गई शिकायतें
जिला प्रशासन व जल निगम के पास अमृत योजना के तहत किए जा रहे नल कनेक्शन की कार्ययोजना में कई लिखित शिकायतें आई है। कई शिकायतें ऑनलाइन आईजीआरएस से भी की गई है। इसमें मुख्य रूप से यह शिकायतें है कि जो ठेकेदार द्वारा सड़कों को खोदकर बिना उसकी मरम्मत किए ऐसी ही छोड़ दिया जा रहा है। गौरतलब है कि तीन-चार माह पूर्व ही नगर पालिका से कनेक्शन के लिए सड़क खोदने की अनुमति ली गई है। यह भी कई शिकायतें की गई है ठेकेदार के कर्मचारी लोगों से रुपये लेकर लाइन में मानकों के विपरीत कनेक्शन कर रहे हैं। इसके साथ ही सड़क खोदने व कनेक्शन करने के नाम पर अवैध धन की भी वसूली की जा रही है। केवल यही नहीं ठेकेदार द्वारा अवैध कनेक्शनों को इस योजना के तहत वैध किया जा रहा है और कनेक्शन में होने वाली व्यय धनराशि को बचाकर विभाग को नुक्सान पहुंचाया जा रहा है।

भेज दी सत्यापन रिपोर्ट
एडीएम के नेतृत्व में कराई गई 25 नल कनेक्शनों की भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट भेज दी गई है। निगरानी समिति द्वारा अवैध कनेक्शनों का चिह्नित किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ बाहरी लोग इस कार्ययोजना की आड़ में रुपए लेकर अवैध तरीके से नलों के कनेक्शन कर रहे हैं, जिनकी जानकारी हुई है। यदि नल कनेक्शन के नाम कोई रुपए मांगता है तो मेरे मोबाइल नंबर 9473942768 पर शिकायत करें।
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-प्रवीण कुमार कुट्टी
परियोजना प्रबंधक, जल निगम निर्माण इकाई, ललितपुर।

यह जांच नहीं सत्यापन है
यह किसी शिकायत पर जांच नहीं कराई गई है, केवल विभागीय कार्रवाई के नाम पर कनेक्शनों का सत्यापन कराया गया है। यदि जांच होती है किसी अन्य विभागीय अधिकारियों से कराई जाती। अगर कोई शिकायतें व अनियमितताएं हैं तो उनके खिलाफ जांच व कार्रवाई भी होगी।
- योगेंद्र बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी, ललितपुर।
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