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अन्नदाताओं से रूठी प्रकृति, छिन रहा रोजगार, बढ़ा पलायन

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फोटो 12, 20,21
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कैप्सन-
अन्नदाताओं से रूठी प्रकृति, छिन रहा रोजगार, बढ़ा पलायन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिले के किसानों से प्रकृति ऐसी रूठी कि अब उनके घर अनाज से भर नहीं पा रहे हैं। कभी सूखे के कारण फसल नहीं उग पाती तो इस बार किसी तरह रबी फसल को बो लिया था। उसे बारिश व ओलों ने बर्बाद कर रख दिया है। इस तरह के हालातों से जूझ रहे तमाम किसान पहले ही खेतीबाड़ी को अलविदा कह चुके हैं। जो बचे हैं वह इस विपदा से उबरते हुए नहीं दिख रहे हैं। इससे पलायन की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
मोदी सरकार किसानों की आय को दोगुना करने की योजना बना रही है। बुंदेलखंड के किसान है कि फसलों की अपनी लागत नहीं निकाल पा रहे हैं। तमाम किसान तो कर्ज के बोझ से निकल नहीं पा रहे हैं। कभी सूखा तो कभी बारिश व ओलावृष्टि से परेशान होकर कृषि कार्य ही छोड़ दिया है और वह अब मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। कुछ जिले में ही पलायन कर रहे हैं तो कुछ ने महानगरों की ओर रुख कर लिया है। ऐसा ही हाल शहर के वार्ड नंबर तेइस की सहरिया बस्ती में है। यहां रहने वाले गनेश पुत्र बाबूलाल, हल्का, खुशीलाल, मलखान, अशोक पुत्र दौलत, रामलाल, किशोरी पुत्र सीताराम, राजाराम सहित कई सहरिया रोजगार की तलाश में मध्य प्रदेश के इंदौर चले गए हैं। कई और जाने का मन बना रहे हैं।
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फोटो 14
कैैप्सन-रामदयाल
शहर में नहीं मिल रहा रोजगार
सहरियों के पास कोई काम नहीं है। जब शहर में काम नहीं मिलेगा तो लोग इंदौर नहीं जाएंगे तो कहां जाएं आखिर पेट तो पालना है।
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फोटो 18
कैप्सन- प्रह्लाद
पढ़े होने के बाद नहीं मिला सम्मानजनक काम
पांच साल पहले हाईस्कूल पास कर ली थी। उसके बाद से कोई सम्मानजनक काम नहीं मिला। मजबूरन, मंडी में पल्लेदारी का काम कर परिवार का हाथ बंटा रहे हैं।
प्रह्लाद, शिक्षित युवक
रामदयाल सहरिया
वार्ड नंबर तेइस
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नहीं देख पा रहे बरबाद फसल
डोगराखुर्द (ललितपुर)। बारिश एवं ओलावृष्टि से किसानों की खड़ी व कटी फसलों को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। जिन किसानों की फसलें बरबाद हुई हैं, वह अब खेतों पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
फोटो 26
कैप्सन- सोहन पटेल
उम्मीदों पर फिरा पानी
चार दिन पहले तक रबी की अच्छी फसल थी, लेकिन बारिश एवं ओला गिरने से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे सारी उम्मीदें धरी की धरी रह र्गइं है।
सोहन पटेल
खिरिया उवारी
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फोटो 27
कैप्सन- जगनलाल कुशवाहा
पहुंच गए बर्बादी की कगार पर
बेमौसम बारिश होने से रबी की फसल चौपट हो गई है। अब कैसे गुजारा चलेगा, इसकी चिंता अभी से सता रही है।
जगनलाल कुशवाहा, डोंगराखुर्द
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फोटो 28
कैप्सन- सोनू जैन
मिले उचित मुआवजा
जिले के किसानों पर प्रकृति की मार लगातार पड़ रही है। इससे वह उबर नहीं पा रहे हैं। अब तो कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया है।
सोनू जैन
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फोटो 29
कैप्सन-सुल्तान सिंह
कर्ज लेकर की थी बुवाई
रबी की फसल कर्ज लेकर बोई थी। इस बार भी प्रकृति ने साथ नहीं दिया। ऐसी स्थिति में कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है।
सुल्तान सिंह
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फोटो 30
कैप्सन- रघुवीर सिंह
अब कैसे करेंगे बच्ची का ब्याह
कल्यानपुरा (ललितपुर)। ग्राम कल्यानपुरा में बारिश एवं ओला गिरने से ऐसा कहर बरपाया कि उसकी सोचकर किसानों की रूह कांप जाती है। गांव के रघुवीर सिंह का कहना है कि कुल दो एकड़ जमीन में रबी फसल की बुवाई के लिए एक लाख़ रुपये का केसीसी लोन ले रखा है और इसी वर्ष मई माह में मुझे अपनी बच्ची की शादी भी करनी है। गेहूं की बेहतर फसल को लेकर उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन किस्मत को कहां मंजूर था। बीते दिनों ओलो की ऐसी बारिश हुई कि फसल चौपट हो गई।
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भगवान ने छीन ली खुशी
मसौराखुर्द (ललितपुर)। ग्राम मसौरा खुर्द में बारिश, आंधी एवं ओलों से रबी की पूरी फसल चौपट हो गई है। ऐसे में किसानों को कुछ समझ नहीं आ रहा है कि कैसे साहूकारों एवं बैंक का कर्जा भरेंगे। पीड़ित किसानों का कहना है कि भगवान ने एक बार फिर किसानों के चेहरे से उनकी खुशी छीन ली। अब सिर्फ सरकार से ही कुछ उम्मीद है।
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बेर के आकार के ओलों ने बरपाया कहर
बानपुर (ललितपुर)। बीते देर शाम कस्बा में मौसम ने अचानक करवट बदली तो कृषकों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आईं। देखते ही देखते वह तेज हवा के साथ हुई मूसलाधार बारिश एवं ओला गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को चौपट कर दिया। किसानों का कहना है कि कस्बे में बेर के आकार के ओले गिरे हैं, इससे फसलों के फूल गिर गए, तो कहीं फसलें आड़ी हो गईं। जैसे ही मूसलाधार बारिश रुकी तो बानपुर कस्बे के ही सागौनी का हार, नतिनी बऊ का हार व लाल बाबा के हार में करीब दो-दो सौ ग्राम के ओले गिरने की पुष्टि हुई है। पूरे हार में करीब तीन सौ किसानों की फसल को भारी क्षति पहुंची है। कस्बे की महरौनी रोड व समीपस्थ ग्राम वीर, वीर ग्रंट, सुनवाहा, दिदौरा, पाह, दरौनी, नैगुवां, पडवां, धवारी व पुतलीघाट नदी के किनारे बाले क्षेत्र में मूसलाधार बारिश व ओलावृष्टि से खड़ी व कटी फसल दोनों को ही भारी नुकसान हुआ है। दूसरी ओर साधन सहकारी समिति बानपुर के अध्यक्ष व सुनवाहा निवासी चिमनलाल राजपूत ने बताया कि करीब 50 ग्राम से लेकर 400 ग्राम तक के ओले सुनवाहा क्षेत्र में गिरे हैं। जिससे 80 प्रतिशत तक फसलों को भारी क्षति हुई है। वीर ग्रन्ट के किसान पहलवान बुनकर ने बताया कि हम किसान तो बुरी तरह से बर्बाद हो गये हैं। खेतों में फसलों की हालत को देखकर हमें रोना आ रहा है। ग्राम पाह व दिदौरा के किसानों का कहना है कि वैसे ही सूखा होने के चलते अधिक जमीन नहीं बोयी थी। इतनी जमीन सिंचित कर सकते थे, उतनी ही बोयी थी जैसे-तैसे बुवाई की व जमीन को सिंचित किया व अन्ना जानवरों से रातों को जाग-जागकर फसल की रखवाली की थी। देर शाम हुई बारिश ने किसानों के अरमान एक पल में खाक कर दिये हैं।
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