सौभाग्य से रोशन कर रहे ग्रामीणों का दुर्भाग्य
ललितपुर।
प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य ) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों का भाग्य रोशन करने के लिए निशुल्क बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं। लेकिन, जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग के नियम ही इसमें आड़े आ रहे हैं। बहुत से गरीबों को इस योजना में भी कनेक्शन से वंचित रहना पड़ रहा है। जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों में अभी 55 हजार विद्युत कनेक्शनधारी उपभोक्ता हैं, लेकिन इनमें से करीब साठ फीसदी उपभोक्ताओं पर बकाया चल रहा है। बकायेदारी अदा नहीं करने वाले बकाएदारों के हर माह करीब डेढ़ हजार से अधिक कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं।
शासन द्वारा हर गरीब के घर को रोशन करने के लिए चलाई जा रही सौभाग्य योजना के तहत गरीबों को निशुल्क और सामान्य नागरिकों को पांच सौ रुपये में एक किलोवाट विद्युत भार का कनेक्शन दिया जा रहा है। विद्युत कनेक्शन लेने के लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, वाहन लाइसेंस, या फिर बैंक एकाउंट में एक परिचय पत्र देना होता है। विद्युत कनेक्शन जारी होने के समय विभाग द्वारा उस नए उपभोक्ता को कनेक्शन के साथ ही मीटर, केबल, बीपीएल किट, एलईडी बल्व, बोर्ड, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, एमसीबी, तीन मीटर वायरिंग निशुल्क दी जा रही है। शासन द्वारा हर घर तक बिजली पहुंचाने की योजना जरूर है, लेकिन इस योजना में भी गरीबों को कनेक्शन देने में विभाग के नियम ही आड़े आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सत्तर फीसदी से अधिक उपभोक्ताओं पर 40 करोड़ रुपये से अधिक की बकाएदारी चल रही है। इसके चलते विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा हर सप्ताह विद्युत चेकिंग कराई जा रही है और दस हजार रुपए से अधिक की बकाएदारी होने पर खूब कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं। इनमें अधिकांश विद्युत कनेक्शन ऐसे हैं, जिसका विद्युत बकाया दादा, परदादा के नाम से चले आ रहे हैं, जबकि उसी आवास परिसर में कई परिवार एक साथ रहते हैं। लेकिन अब उस परिवार के सदस्य अपना अलग कनेक्शन लेना चाहते हैं, तो ऐसे में उस परिवार के पूर्वजों पर लाखों रुपये का बकाया चल रहा है, ऐसे में विभाग द्वारा पहले से बकाया वाले परिसर में किसी को भी कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। यदि दिया भी जा रहा है, तो उस परिवार के मुखिया जिस पर बिल बकाया है, को लिखित में लिखकर देना होगा और बकाया की जवाब देयी भी उसी मुखिया की ही होगी।
पुराना लक्ष्य अभी अधूूरा, योजना जारी
शासन द्वारा पूर्व में शुरु की गई पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति 12वीं योजना के तहत जनपद के लिए 25 हजार 900 कनेक्शनों का लक्ष्य दिया गया था, इसमें अभी 19 हजार 965 कनेक्शन ही दिए गए हैं। पूर्व में यह योजना राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के नाम से शुरू हुई थी, जो अब बदले नाम से चल रही है।
लिखित लिया जा रहा कनेक्शन नहीं लेने का कारण
प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के अंतर्गत प्रत्येक गांव में टीमें घूम-घूम कर कनेक्शन दे रही हैं। इस योजना में कनेक्शन देने के लिए टीमों को निर्देशित किया गया है कि जो भी व्यक्ति इस योजना में विद्युत कनेक्शन नहीं लेता है, तो उससे कनेक्शन नहीं लेने का कारण भी लिखित में लिया जा रहा है।
पूर्व में हमारे घर में कनेक्शन दादा के नाम से लिया गया था, जिस पर हजारों रुपये बकाया चल रहा है, बिजली बिल संशोधन को भी घूमते रहे, लेकिन संशोधन तो नहीं हो सका, जिसके चलते अब भी बकाया चल रहा है। अब मैं अलग कनेक्शन लेना चाहता हूं, लेकिन बकाया होने के कारण नया कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है।
दबूचा अहिरवार, ग्राम डोंगराकलां।
हम तीन भाई हैं, जो एक घर में तो रहते हैं, लेकिन अलग-अलग हैं। दशकों पूर्व लिया कनेक्शन अब भी एक ही घर में लगा है, लेकिन अब अलग कनेक्शन लेना चाहते हैं, लेकिन पूर्व में लिए कनेक्शन पर बकाया के कारण नया कनेक्शन इस योजना में भी नहीं मिल पा रहा है।
जगन कुशवाहा, ग्राम डोंगराकलां।