पेशाबघरों में सफाई अभियान का चल रहा फ़्लॉप शो
- कुछ खास दायरे में सिकुड़ कर रह गया स्वच्छता अभियान
पाली। खुले में शौच व पेशाब मुक्त करने के अलावा स्वच्छता अभियान सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा है, शासन के अधिकारी भी इसमें खास रुचि लेते दिख रहे हैं। इसके बाद भी पाली के स्वच्छता अभियान में पंख नहीं लग पा रहे हैं । स्वच्छता अभियान का दायरा खास सड़कों पर ही सिकुड़ कर रह गया।
नगर पंचायत पाली में सार्वजनिक स्तर के दो सुलभ शौचालय, चार पेशाबघर हैं। नदवानी बगीचा में बने शौचालय की हालत दयनीय है, यहां लोग शौच जाने से कतराते हैं। कुरयाना मोहल्ला में बने शौचालय को बने लगभग एक वर्ष से ज्यादा समय बीत गया है। जो कभी खुलते तो कभी ताला बंदी के शिकार हो जाते हैं। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि इसका टैंक अभी तक नहीं ढक पाया है, लोगों ने अपनी आवाज उठाई कि इसे दुरुस्त कर सुचारू रूप से चालू किया जाए तो नगर पंचायत ने इसपर पुताई जरूर कराई, लेकिन ताले नहीं खुलवा सकी। जरूरतमंद आज भी तालाबंदी से पूरी तरह परेशान हैं, एक तरफ शर्मसार होना पड़ता तो दूसरी तरफ अब कार्रवाई का भय भी लगने लगा है ।
कस्बे में चार पेशाबघर हैं जिनमें एकाध को छोड़ किसी में पानी का इंतजाम नही है। बसस्टैंड , सेंट्रल बैंक, गांधी चौक, रेंज चौकी के पास बने पेशाबघर गंदगी से पटे पड़े हैं। लोग इसमें सुविधा लेने से कतराते नजर आते हैं, कोई मजबूरी में इनका प्रयोग कर जरूर लेता, लेकिन बाद में पाली के स्वच्छता अभियान को खरी खोटी सुनाकर चला जाता है ।
नालियों से उठ रही दुर्गंध पनप रहे मच्छर
पाली । बसस्टैंड से लेकर रेंज चौकी तक कस्बे की मुख्य गहरी नाली है, जिसमें सालों से नगर पंचायत ने इसमें फावड़ा नहीं चलवाया। दुर्गंध ऐसी उठती है कि आसपास के लोगों का जीना दूभर है, इसमें पनप रहे विभिन्न प्रजाति के खतरनाक मच्छर शाम से ही हमलावर हो जाते हैं। जब कभी कहीं सफाई भी होती है तो नालियों से निकलने वाला कचड़ा कई दिनों तक लोगों के दरवाजे पर लगा रहता है, जिससे ऐसे लोग नालियों की सफाई की खास मांग नहीं करते।
खुली पड़ी नालियां दिखते नहीं डस्टबिन
पाली। कस्बे की अधिकांश बड़ी नालियां खुली पड़ी हैं, सड़कों पर फैलने वाला कचरा वाहनों की रफ्तार में इसमें समा जाता है। स्वच्छता अभियान के चौपट होने की वजह से आमजन कस्बे में डस्टबिन का कहीं रखा न होना बताते हैं। आखिर कस्बे को कब मिलेंगे डस्टबिन यह एक बड़ा सवाल बनकर रह गया है।
मुख्य बाजार में ही बजी सफाई की सीटी
पाली। सीटी बजाकर कचड़े को एकत्रित करने का मन बनाने वाली नगर पंचायत की सफाई सीटी मुख्य बाजार में ही चंद दूरी तक बजती दिख रही है। जबकि नगर पंचायत इसे अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानकर चल रही है। तो लोगों को भी लगने लगा था कि उन्हें अपने घर का कचरा यहां वहां नहीं फेंकना पड़ेगा, पर अफसोस ऐसा नहीं हो सका। कस्बे की सकरी गलियों में रहने वाले लोग कहते हैं कि कई दिनों तक सफाई कर्मियों के मोहल्ले में पग तक नहीं पड़ते।
सफाई अभियान में खानापूर्ति
नगर पंचायत सफाई अभियान के प्रति खानापूर्ति करती नजर आती है । सफाई के साथ कभी भी ऐसी कोई दवा का छिड़काव नहीं कराती जिससे नालियों से उठने वाली दुर्गंध खत्म हो सके ।
आंनदस्वरूप शुक्ला, पुजारी राधाकृष्ण मंदिर
डीटीटी का छिड़काव करेंगे
लोगों ने मांग रखी तो डीटीटी पाउडर आदि का कस्बे में छिड़काव करा दिया जाएगा।
अविनाश गंगवार, अधिशासी अधिकारी पाली