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शैक्षिक योग्यता नहीं रखने वाले को बना दिया अंग्रेजी का एबीआरसी

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बिना योग्यता के बना दिया अंग्रेजी का एबीआरसी
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स्नातक परीक्षा के अंकों के आधार पर चयन के शासनादेश की अनदेखी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारी नये सह-समन्वयक चयन प्रक्रिया को पारदर्शिता पूर्वक कराने के दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ये दावे झूठे साबित हो रहे हैं। इसके पहले अपात्र घोषित हो चुके दो आवेदकों का चयन कर लिया गया है, इसी तरह शैक्षिक योग्यता नहीं रखने वाले एक आवेदक को पात्र बताकर परीक्षा दिलवाई गई, उसका एबीआरसी के लिए चयन भी कर लिया गया है। तैनाती के लिये ब्लॉक आवंटन के विकल्प भी भरा लिए गए हैं, अब केवल डीएम की अनुमति के बाद नियुक्ति पत्र जारी होना बाकी है। इन सबके बावजूद भी अभी तक किसी भी संगठन के शिक्षक नेता व कोई आवेदक इसका विरोध करने के लिये आगे नहीं आया है।
जनपद में चल रही सह-समन्वयक चयन प्रक्रिया में लगातार अनियमितताएं बरती जा रही हैं। परीक्षा से पूर्व में घोषित 14 अपात्र आवेदकों में से दो आवेदकों को शासनादेश के विपरीत परीक्षा दिलाकर एबीआरसी में चयन कर लिया गया है। इसी तरह हाल में एक मामला सामने आया है, जिसमें सह-समन्वयक के लिए शैक्षिक योग्यता नहीं रखने वाले आवेदक को शासनादेश के विपरीत चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया और उसका चयन भी कर दिया गया है। विकासखंड बार क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय वस्त्रावन में तैनात सहायक अध्यापक हाकिम सिंह ने अंग्रेजी विषय के सह-समन्वयक पद के लिये आवेदन किया था। इन्होंने शासनादेश के अनुसार अंग्रेजी विषय से ग्रेजुएट भी नहीं किया है, चयन समिति ने उनको पात्र मानते हुए प्रक्रिया में शामिल करते हुए एबीआरसी के लिए चयन भी कर दिया है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग में उक्त शिक्षक की सर्विस बुक के अनुसार इन्होंने वर्ष 2001 में जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर मध्यप्रदेश से बीएससी द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण किया है, विषय रसायन शास्त्र, वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान दर्ज हैं, जबकि सह-समन्वयक चयन के लिए उत्तर प्रदेश शासन शिक्षा अनुभाग-5 की तत्कालीन संयुक्त सचिव ममता श्रीवास्तव द्वारा 08 जून वर्ष 2015 में जारी शासनादेश में साफ कहा गया है कि सह-समन्वयक पद के लिए जिस विषय में आवेदन किया जा रहा है, आवेदक द्वारा उस विषय में स्नातक उपाधि के साथ अध्यापक प्रशिक्षण योग्यता होनी चाहिए। इसके अलावा हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक परीक्षा में प्राप्त अंकों के अनुसार चयन प्रक्रिया में अंक भी तय किए गए हैं। हाकिम सिंह ने आवेदन के साथ एमए की अंकतालिका लगाई है, जिसमें उन्होंने अंग्रेजी विषय से उत्तीर्ण किया है, लेकिन शासनादेश में कहीं पर भी परास्नातक का उल्लेख नहीं किया गया है।
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पूर्व में नहीं किया गया था मान्य
वर्ष 2011 में आयोजित सह-समन्वयक परीक्षा के दौरान ऐसे आवेदकों को प्रक्रिया से बाहर कर दिया था, जिन्होंने वांछित विषय से परास्नातक तो किया था, लेकिन शासनादेश के क्रम में उन्होंने वांछित विषय से स्नातक नहीं किया था। वर्तमान में बेसिक शिक्षा विभाग में ऐसे अनेक शिक्षक हैं, जिन्होंने अंग्रेजी विषय से परास्नातक तो किया है, लेकिन स्नातक नहीं होने के कारण आवेदन नहीं किया था। यही कारण है कि अंग्रेजी विषय के पांच एबीआरसी पदों के सापेक्ष मात्र चार ही मैदान में आए थे, यही कारण है कि चारों का चयन भी हो गया है, लेकिन नियमों को दरकिनार किया गया है।

समिति की रही अनुमति
हाकिम सिंह ने अंग्रेजी विषय से परास्नातक किया है और सह-समन्वयक चयन के लिए गठित समिति के द्वारा प्रक्रिया में शामिल करने की अनुमति बनी थी।
-अंबरीष कुमार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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