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बारिश से आई आफत, सड़कों पर भरा पानी तो उफनाए नाले

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बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, जगह-जगह जलभराव
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ललितपुर। बृहस्पतिवार से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी नहीं थमी। इससे शहर की सड़कों पर जगह-जगह जलभराव हो गया। वहीं, नाले भी उफना गए। बुढ़वार रोड का नाला रिपटा से पानी करीब तीन से चार फुट ऊपर बहता रहा। इस कारण ग्रामीणों को नाला उतरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। सरकारी कार्यालयों की छतें भी बारिश में टपकती नजर आईं।
दूसरे दिन भी बारिश कभी तेज तो कभी धीमी रफ्तार में होती रही। दूरदराज के क्षेत्रों से पानी के सिमटने से नाले उफना गए। बुढ़वार रोड स्थित नाला रिपटा से पानी करीब तीन से चार फुट ऊपर बहा। इसी रोड पर केंद्रीय विद्यालय भी स्थित है। हालांकि आज स्कूलों में अवकाश रहा। जिससे बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आई लेकिन ग्राम बुढ़वार, कुआतला, खुशीपुरा सहित विभिन्न गांवों के लोगों को शहर आने में दिक्कत हुईं। कइयों ने नाले के उतरने का इंतजार किया तो कई लोगों ने जोखिम उठाते हुए नाले को पार किया। इसी रोड पर एसडीएस कान्वेंट स्कूल के पास सड़क पर बने गड्ढे बारिश के पानी से लबालब हो गए। वाहन चालकों को सड़क पर भरे पानी में निकलते समय सावधानी बरतनी पड़ी तब जाकर इस रोड से निकल सके। आईटीआई के पीछे प्राथमिक स्कूल की बिल्डिंग नाले के पानी के बीच में आ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह के समय स्कूल के दरवाजों तक नाले का पानी छू रहा था। नगर पालिका परिषद कार्यालय भी बारिश से अछूूता नहीं रह सका। इस भवन की छत टपकने लगे। इस पर कर्मचारियों को बारिश के पानी को बहने से रोकने के लिए बाल्टी रखनी पड़ी। इसके अलावा सुपर मार्केट के पास पुराने एलआईसी भवन के पास पानी भर गया था तो राजपूत कालोनी के सामने गली में बारिश का पानी देखते ही बन रहा था। ऐसी ही सूचना नेहरू महाविद्यालय के सामने शांतिनगर मुहल्ले की रही। यहां भरे पानी को लेकर पड़ोसियों में तू-तू मैं- मैं हो गई। जिसके बाद नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों ने किसी तरह विवाद निपटाया। डीएम बंगला में खड़े पेड़ों की डालियां तेज हवा के झौंकों में गिर गई तो कई डाली बिजली के तार पर झूल गई। चर्च के पास स्थित आरईमिशन स्कूल की चहारदीवारी के पास नाली अवरुद्ध हो गईं, जिससे नाली का पानी सड़क से होकर बहने लगा। इस तरह पूूरे दिन लोग बारिश के भरे पानी को निकालने में परेशान रहे।
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नाला उफनाने से हुई परेशानी
सुबह से ही नाला उफना गया था जो दोपहर तक बना रहा। इस कारण दोनों तरफ वाहन जहां तहां रुक गए थे। दोपहर तक घुटनों तक पानी रहा। रिपटा में पत्थर लगे होने से वाहनों को निकलने में काफी परेशानी आती है। जब नाले का पानी ऊपर से निकल जाता है तो और भी गड्ढे हो जाते हैं। पिछले साल जब पानी निकला था तब जगह-जगह गड्ढे बन गए थे।
जगभान
स्थानीय नागरिक
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रिपटा कराया जाए ऊंचा
नाले पर बना रिपटा काफी नीचा है। जिस कारण नाले के उफनाने की संभावना हमेशा बनी रहती है। अब तो इस रोड पर केंद्रीय विद्यालय सहित एक महाविद्यालय भी खुल गया है। इसलिए अब शासन को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने रिपटा को ऊंचा कराने की मांग की है।
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राजा
स्थानीय नागरिक
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यह है बांधों का जल स्तर
बारिश होने से गोविंद सागर बांध का जल स्तर 360.82 मीटर, शहजाद बांध 318.15 मीटर, जामनी बांध 401.63 मीटर, सजनाम बांध 370.20 मीटर, रोहणी बांध 394.30 मीटर जलस्तर हो गया है। लेकिन, अभी भी बांधों को लबालब होने के लिए काफी पानी की जरूरत है। वर्तमान में पूर्ण क्षमता के सापेक्ष गोविंद सागर बांध 46 प्रतिशत, शहजाद बांध 51 प्रतिशत, जामनी बांध 59 प्रतिशत, सजनाम बांध 42 प्रतिशत व रोहणी बांध 48 प्रतिशत ही भर सका है।
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