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प्रशासन ने ही भेजी थी सूखे की गलत रिपोर्ट

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प्रशासन ने ही भेजी थी सूखे की गलत रिपोर्ट
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ललितपुर।
जिले में बारिश न होने के कारण परेशान किसानों के साथ प्रशासन ने भी छल किया है। प्रशासन ने शासन को भेजी साप्ताहिक रिपोर्ट में जिले में खरीफ की फसल में 15 से 18 प्रतिशत नुकसान का आंकलन करते हुए रिपोर्ट भेजी थी। वहीं, सोमवार को ऋण मोचन कार्यक्रम में शामिल होने आए जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही समेत जिले के वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारियों और आला अधिकारियों ने मंच से गलत बयानी करते हुए नुकसान से संबंधित कोई भी रिपोर्ट भेजने से इंकार किया था।
गौरतलब हो कि जिले में बारिश न होने से सूखे के हालात पैदा हो गए हैं। खरीफ की फसल में पर्याप्त पानी न मिलने से फसलें पूरी तरह चौपट हो गई है। उड़द की फसल को पीला मोजेक रोग ने अपनी चपेट में ले लिया है। इसी तरह तिल और अन्य खरीफ की फसलों में भारी नुकसान हुआ है। इसको लेकर शासन स्तर से प्रत्येक जिले से साप्ताहिक रिपोर्ट मांगी जा रही हैं। इसी क्रम में ललितपुर जिला प्रशासन ने चार सितंबर को पत्रांक संख्या 4151/3 सीआरए में जिले में खरीफ की फसल में हुए नुकसान की रिपोर्ट शासन को प्रेषित की। इसमें जिला प्रशासन ने उड़द की फसल में 18 प्रतिशत, तिल और अन्य फसलों में 15 प्रतिशत के नुकसान का आंकलन किया था। अमर उजाला में 10 सितंबर के अंक में ललितपुर में सिर्फ 15 फीसदी नुकसान शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद किसानों का आक्रोश बढ़ता देख प्रशासन और स्थानीय नेता इस खबर को झुठलाने में जुट गए और इस खबर को भ्रामक बताने लगे। इसी क्रम में जिला मुख्यालय पर 11 सितंबर को आयोजित किसान ऋण मोचन के प्रमाणपत्र बांटने के कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि इतने कम नुकसान की कोई रिपोर्ट प्रशासन की ओर से नहीं भेजी गई है। खबर को भ्रामक बताते हुए वाहवाही लूटने के उद्देश्य से हजारों किसानों के सामने मंच से मीडिया की जमकर आलोचना की गई। इसी क्रम में सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेेश चंद्र लोधी, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने गलत बयानी करते हुए इस खबर को भ्रामक और तथ्यविहीन बताया था। इसके साथ ही जिले के मुखिया जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने भी उक्त लोगों का समर्थन करते हुए जिले में 50 प्रतिशत से नुकसान होना बताया था और रिपोर्ट भेजने से इंकार किया था।
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एडीएम स्तर से यह रिपोर्ट भेजी गई थी। साप्ताहिक रिपोर्ट के यह आंकड़े हैं। इस तरह की रिपोर्ट भेजे जाने की मुझे जानकारी नहीं थी। इस कारण इस रिपोर्ट को भेजे जाने के संबंध में मैंने इंकार किया था।
मानवेंद्र सिंह, जिलाधिकारी

खबर प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी से इस संबंध में मैने जानकारी ली थी। जिलाधिकारी ने इस तरह की रिपोर्ट भेजे जाने से स्पष्ट इंकार किया था। इस कारण हमलोगों ने मंच से इन तथ्यों को भ्रामक बताया था।
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रमेश चंद्र लोधी, जिलाध्यक्ष भाजपा

रिपोर्ट के संबंध में जिलाधिकारी से चर्चा की थी तो उन्होंने बताया था कि यह खबर पुरानी रिपोर्ट के आधार पर प्रकाशित की गई। हाल ही के समय में ऐसी कोई भी रिपोर्ट भेजने से इंकार किया था।
प्रदीप चौबे, सांसद प्रतिनिधि
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