लोक शिक्षा केंद्रों में संचालित होंगे पुस्तकालय
15 वर्ष से ऊपर की आयु वर्ग के युवक-युवतियों को साक्षर बनाने के लिए चलाए जा रहे लोक शिक्षा केंद्र आने वाले दिनों में पुस्तकालय के रूप में नजर आएंगे। जहां अल्प साक्षर और साक्षर युवक-युवतियों को पढ़ने के लिए ज्ञानपरक पुस्तकें उपलब्ध होंगी।
तकनीकी के इस दौर में निरक्षरता के धब्बे को धोया नहीं जा सका है। इसके मद्देनजर भारत सरकार ने साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम चला रखा है। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर लोक शिक्षा केंद्रों की स्थापना की गई है। इसके माध्यम से 15 वर्ष से ऊपर की आयु वर्ग के युवक-युवतियों को ककहरा पढ़ाया जा रहा है। जो लोग इस कार्यक्रम में साक्षर हो रहे हैं, अब उनके लिए पुस्तकालय की स्थापना की जा रही है, जो ग्राम पंचायत स्तर पर लोक शिक्षा केंद्रों में संचालित होंगे। जिला समन्वयक नाजिर बेग का कहना है कि पुस्तकालय की स्थापना के लिए लंबे समय से प्रक्रिया चल रही है। बीते महीनों में जिले में गठित समिति ने विभिन्न पुस्तकों को खरीदने की सिफारिश की थी। इसे निदेशालय भेज दिया गया था। हाल ही में चयनित पुस्तकों की आपूर्ति जनपद मुख्यालय पर हो गई है। इसका सत्यापन साक्षरता परीक्षा के चलते नहीं हो सका। जिला स्तर पर गठित कमेटी द्वारा जल्द ही पुस्तकों का सत्यापन किया जाएगा। इसके उपरांत पुस्तकों को ग्राम पंचायतवार पहुंचा दिया जाएगा।
यह आई किताबें
योग द्वारा स्वास्थ्य, उपनिषदों की ग्रंथ अकादमी, आधार कार्ड का महत्व, ज्ञान विज्ञान एजुकेशन सहित विभिन्न विषयों से संबंधित करीब एक सैकड़ा पुस्तकों की आपूर्ति हुई है। इन पुस्तकों के अध्ययन से साक्षरों को नई-नई जानकारी मिल सकेगी, साथ ही उनमें पढ़ने की रुचि भी पैदा होगी।