रैली में बसें जाने से यात्री रहे परेशान
ललितपुर। झांसी में आयोजित प्रधानमंत्री की रैली में निजी बसें लगने से यात्रियों को यात्रा करना मुश्किल हो गया। जिले के अधिकांश सड़कों पर बसें नहीं चलीं, जिससे लोगों को डग्गामार वाहनों व बसों की छत पर सवार होकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
जिले की यातायात व्यवस्था किसी से छुपी नहीं है। मुख्यालय स्थित बस स्टैंड से प्रतिदिन लगभग डेढ़ सौ से अधिक बसों का आवागमन होता है। इनमें कुछ बसें जिले के समीपवर्ती मध्य प्रदेश के जिला टीकमगढ़, सागर, गुना, अशोकनगर, झांसी व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संचालित होती है। यहां पर कई सड़कों पर दिन में एक ही बस का आवागमन होता है। लेकिन शुक्रवार को झांसी में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में कार्यकर्ताओं को ले जाने के कारण अधिकांश बसें गईं। जिससे बसों की बहुत कमी रही है। प्रमुख मार्गों पर भी बस का संचालन नहीं हो सका। यात्रियों को मजबूर होकर अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ा। कई मार्गों पर बस के न होने से डग्गामार वाहनों ने खूब लाभ उठाया। इन वाहनों पर कई यात्रियों ने पीछे लटकर यात्रा की। ऐसी ही स्थिति शुक्रवार को महरौनी, बानपुर, जखौरा व अन्य मार्गों पर देखने को मिली। यहां यात्रियों ने बसों के आने का काफी इंतजार करना पड़ा। अंत में एक ही बस में मजबूर होकर अपने गंतव्य तक पहुंचे। इन बसों में यात्रियों ने बस के गेट पर लटक कर तो कई यात्रियों ने जान जोखिम में डालकर बस की छत पर बैठकर यात्रा की। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली टैक्सियों की स्थिति भी इसी प्रकार रही। यहां पर सवारियों को टैक्सी के ऊपर बैठकर तो कईयों ने लटक कर यात्रा की, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।