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मीरपुर जिले में कराए गए कामों में फंसे बीएसए

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हमीरपुर जिले में कराए गए कामों में फंसे बीएसए
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अपर कृषि निदेशक ने निकाली वसूली
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। भूमि संरक्षण अधिकारी महरौनी (बीएसए) की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। जहां एनएमएसए योजना में जांच से गुजर रहे हैं। वहीं, प्रदेश के अपर कृषि निदेशक ने उनके खिलाफ हमीरपुर जिले में कराए गए काम के मामले में 258434 रुपये की वसूली निकाल दी है।
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जन सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी को देते हुए कृषि भवन में तैनात उप कृषि निदेशक (तकनीकी संप्रेषण) डा. एचके मिश्र ने बताया कि बीएसए महरौनी ने वर्ष 2013-14,15-16 में भूमि संरक्षण अधिकारी हमीरपुर प्रथम के तौर पर विभिन्न कार्य कराए हैं। वर्ष 2013-14 में आरआईडीएफ योजनांतर्गत कार्य कराया है तो वर्ष 2016-17 में भूमि उपचार का कार्य कराया। जांच के दौरान जलागम क्षेत्र सूक्ष्म जलागम परियोजना क्षेत्र में योजना से संबंधित कार्यक्रमों के प्रचार प्रसार के लिए डिस्पले बोर्ड/ सरकारी भवनों की दीवारों पर लेखन कार्य नहीं पाया गया। जलागम संघ के गठन एवं परियोजना समिति के गठन, जलागम समिति के गठन व जलागम स्तर के प्रशिक्षणसंबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। इस तरह तमाम गड़बड़ी उजागर का जिक्र किया गया। उधर, प्रदेश के अपर कृषि निदेशक रामलखन राजपूत ने 855742 रुपये की वसूली निर्धारित की है। जिसमें से 258434 रुपये की वसूली भूमि संरक्षण अधिकारी महरौनी के नाम पर प्रस्तावित की गई है। इस संबंध में आठ मई, इक्कीस जून व चौबीस जुलाई को वसूली जमा करने के लिए पत्र निर्गत किए जा चुके हैं। इसके बाद भी वसूली की धनराशि जमा नहीं की गई है। उन्होंने एक सप्ताह में वसूली की राशि विभागीय लेखा शीर्षक में जमा करने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2015-16, 16-17 व 17-18 के कार्यकाल का प्राविधिक संप्रेक्षण तलब किया है। जिसका ब्योरा भी अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। बता दें कि नेशनल मिशन सस्टेनेवल फार एग्रीकल्चर डेयरी वेस्ट फार्मिग सिस्टम योजना के तहत वितरित की गई भैंस का मामला गले की हड्डी बन गया है। इसमें मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एसके शाक्य दोषी ठहरा चुके हैं। इसमें डीएम मानवेंद्र सिंह ने पृथक से जांच कमेटी बैठा दी है। जिसमें शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा सीडीओ शिवनारायण ने खेत तालाब के सत्यापन में सहयोग नहीं करने पर वेतन पहले ही रोक रखा है। अब इस वसूली से निपटना उनके लिए आसान नहीं होगा।
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परिपालन आख्या भेजने में हुई देरी
परिपालन आख्या देरी से पहुंचने की वजह से वसूली जारी हो गई। उन्होंने कामों में किसी तरह गड़बड़ी होने से इंकार कर दिया।
देवेंद्र सिंह निरंजन, भूमि संरक्षण अधिकारी
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